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जनता से रिश्ता वेबडेस्क। पश्चिम सिंहभूम जिले में धान की 60 प्रतिशत खेती बर्बाद हो गई है. हालांकि खेतों में धान लगे हुए हैं. पर उत्पादकता कितनी होगी तय नहीं. जो 40 प्रतिशत भूमि है उसी भूमि से धान की फसल का उत्पाद प्राप्त करने की संभावना है. जबकि ऊंची या मध्यम भूमि वाले जमीन पर लगाए गए धान के फसल से अब उत्पादकता कितनी होगी स्पष्ट नहीं है. कृषि विभाग के अनुसार धान के फसलों को पानी की आवश्यकता थी तब ,पानी नहीं हो पाया. इस कारण फसल ठीक से नहीं हो पाया. खेत में खड़ी फसलों को सिंचाई की सुविधा नहीं मिल पाया इसका प्रभाव यह हुआ कि खेतों में लगी फसल उत्पादन देने में असमर्थ है. जिला कृषि पदाधिकारी काली पद महतो ने बताया कि धान की अनुमानित 60 प्रतिशत फसल पानी के अभाव में खराब हो गई है. जबकि निचली भूमि जिसका रकबा एक जिले में 36000 हेक्टेयर है उसी में धान की फसल होने की स्थिति है.





