झारखंड

I.N.D.I.A. ब्लॉक की शिकायत CEO का जवाब

Kavita2
4 Sept 2026 10:41 AM IST
I.N.D.I.A. ब्लॉक की शिकायत CEO का जवाब
x

रांची। झारखंड में मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। I.N.D.I.A. ब्लॉक के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के रवि कुमार से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ता कई जिलों में बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) पर दबाव बना रहे हैं, ताकि Form-7 के जरिए कुछ खास मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकें।

I.N.D.I.A. ब्लॉक के नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के दौरान कुछ स्थानों पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने निर्वाचन कार्यालय से इस मामले में हस्तक्षेप करने और निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की है।

वहीं, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पात्र मतदाताओं के नाम किसी भी स्थिति में नहीं हटाए जाएंगे।

विपक्ष ने सौंपा ज्ञापन

I.N.D.I.A. ब्लॉक के प्रतिनिधिमंडल ने CEO कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि गढ़वा, गोड्डा और चतरा समेत कई जिलों से ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं, जहां BJP कार्यकर्ताओं और बूथ स्तर के लोगों द्वारा BLOs पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।

विपक्षी नेताओं का कहना है कि Form-7 का इस्तेमाल किसी मतदाता का नाम हटाने के लिए किया जाता है और इसका गलत इस्तेमाल लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।

उन्होंने मांग की कि निर्वाचन आयोग इस तरह की शिकायतों की जांच करे और यह सुनिश्चित करे कि किसी भी योग्य मतदाता का नाम मतदाता सूची से न हटाया जाए।

CEO ने बताया प्रक्रिया को पारदर्शी

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने विपक्ष की शिकायतों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मतदाता सूची का SIR एक निर्धारित और पारदर्शी प्रक्रिया है।

उन्होंने कहा कि किसी भी मतदाता का नाम हटाने से पहले नियमों का पालन किया जाता है। बिना सत्यापन और उचित प्रक्रिया के किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जा सकता।

CEO ने यह भी स्पष्ट किया कि BLOs को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार काम करना होता है और किसी भी तरह के दबाव या अनियमितता की शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी।

Form-7 को लेकर विवाद

मतदाता सूची में नाम हटाने के लिए Form-7 का इस्तेमाल किया जाता है। विपक्ष का आरोप है कि कुछ जगहों पर इसका दुरुपयोग करने की कोशिश की जा रही है।

वहीं, निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि Form-7 के जरिए प्राप्त आवेदनों की जांच की जाती है। केवल सही पाए जाने और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किसी मतदाता का नाम हटाया जाता है।

कई जिलों में शिकायतों का दावा

I.N.D.I.A. ब्लॉक नेताओं ने दावा किया कि गढ़वा, गोड्डा और चतरा सहित कई जिलों से ऐसी शिकायतें मिली हैं। उनका कहना है कि लोकतंत्र में मतदाता सूची की निष्पक्षता बेहद महत्वपूर्ण है और इसमें किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जा सकता।

विपक्ष ने निर्वाचन विभाग से मांग की है कि सभी जिलों में निगरानी बढ़ाई जाए और BLO स्तर पर किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव को रोका जाए।

चुनावी माहौल के बीच बढ़ी सियासी हलचल

झारखंड में मतदाता सूची को लेकर यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब राज्य में चुनावी गतिविधियां तेज हो रही हैं। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया हमेशा राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा रही है।

राजनीतिक दल अक्सर चुनाव से पहले मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।

निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी अहम

विशेषज्ञों का कहना है कि निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदाता सूची का सही होना सबसे जरूरी है। किसी भी योग्य मतदाता का नाम हटना या गलत तरीके से नाम जोड़ना चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।

ऐसे मामलों में निर्वाचन आयोग की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि उसे सभी राजनीतिक दलों और मतदाताओं का भरोसा बनाए रखना होता है।

फिलहाल I.N.D.I.A. ब्लॉक की शिकायत के बाद निर्वाचन विभाग ने स्थिति पर नजर रखने की बात कही है। वहीं, विपक्ष अपने आरोपों पर कायम है और इस मुद्दे को आगे भी उठाने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में यह मामला झारखंड की राजनीति में और गर्मा सकता है।

Next Story