
गढ़वा। कभी औद्योगिक गतिविधियों और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के लिए पहचाना जाने वाला सेल (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) का भवनाथपुर स्थित कर्सर प्लांट और आवासीय परिसर अब चोरी की घटनाओं के कारण चर्चा में है। वर्षों से सुरक्षा और रखरखाव पर भारी खर्च किए जाने के बावजूद यहां चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
भवनाथपुर स्थित सेल के कर्सर प्लांट और कॉलोनी क्षेत्र में चोरों की सक्रियता बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले यह क्षेत्र सुरक्षा के लिहाज से काफी मजबूत माना जाता था, लेकिन अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं। चोर बेखौफ होकर प्लांट और आवासीय परिसर को निशाना बना रहे हैं।
सबसे चिंता की बात यह है कि कई मामलों में चोरी की घटनाओं के बाद भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराने को लेकर सेल प्रबंधन की ओर से सक्रियता नहीं दिखाई जाती। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ चुनिंदा मामलों को छोड़ दें तो अधिकतर घटनाओं की जानकारी पुलिस तक नहीं पहुंच पाती, जिससे चोरी करने वालों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि सेल प्रबंधन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव के नाम पर वर्षों से करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके बावजूद प्लांट परिसर और आसपास के इलाकों में चोरी की घटनाओं का रुकना चिंता का विषय बना हुआ है।
औद्योगिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि यहां मशीनरी, उपकरण और अन्य सामग्री की सुरक्षा के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा भी जुड़ी होती है। ऐसे में लगातार चोरी की घटनाएं प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भवनाथपुर सेल परिसर में पहले सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी और निगरानी व्यवस्था काफी प्रभावी थी। रात के समय भी सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाती थी, लेकिन अब निगरानी में कमी महसूस की जा रही है।
चोरी की घटनाओं को लेकर कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों में भी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में चोरी की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। उन्होंने प्रबंधन से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और नियमित निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
जानकारों का मानना है कि औद्योगिक परिसरों में चोरी रोकने के लिए केवल सुरक्षा गार्ड तैनात करना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए सीसीटीवी कैमरों की सक्रिय निगरानी, नियमित पेट्रोलिंग, प्रवेश और निकासी व्यवस्था को मजबूत करना तथा संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई जरूरी है।
स्थानीय पुलिस की भूमिका भी इस मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि चोरी की घटनाओं की नियमित रूप से शिकायत दर्ज कराई जाए और जांच प्रक्रिया तेज हो तो अपराधियों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
वहीं, शिकायत दर्ज नहीं होने की स्थिति में चोरों को यह संदेश जाता है कि उनके खिलाफ कार्रवाई की संभावना कम है। यही वजह है कि चोरी करने वालों का मनोबल बढ़ सकता है।
भवनाथपुर सेल प्लांट कभी क्षेत्र की औद्योगिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यहां काम करने वाले कर्मचारियों और आसपास रहने वाले लोगों के लिए यह परिसर केवल कार्यस्थल नहीं, बल्कि एक सुरक्षित आवासीय क्षेत्र भी रहा है। ऐसे में सुरक्षा में किसी भी तरह की कमी लोगों के लिए चिंता का कारण बन रही है।
अब जरूरत इस बात की है कि सेल प्रबंधन चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करे। पुलिस और प्रशासन के साथ बेहतर तालमेल बनाकर कार्रवाई की जाए, ताकि औद्योगिक संपत्तियों और आवासीय परिसरों को सुरक्षित रखा जा सके।
फिलहाल भवनाथपुर सेल परिसर में बढ़ती चोरी की घटनाएं एक बड़ी चुनौती बन गई हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी नहीं हो पा रही है तो यह प्रबंधन के लिए गंभीर चिंता का विषय है। आने वाले समय में देखना होगा कि सेल प्रबंधन इस समस्या से निपटने के लिए कौन से ठोस कदम उठाता है।





