
चतरा। जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में स्थानीय बक्शा डैम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज कर दी गई है। डैम में पर्यटकों के लिए जल्द ही बोटिंग की सुविधा शुरू होने वाली है। इसके लिए 13 नावें डैम तक पहुंच चुकी हैं, जिनमें टू-सीटर और फोर-सीटर नाव शामिल हैं।
बोटिंग सुविधा शुरू होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी आकर्षित करने की उम्मीद है। प्रशासन की योजना है कि बक्शा डैम को मनोरंजन और पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जाए, जिससे क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बढ़े और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हों।
डैम में पहुंचीं 13 नावें
बक्शा डैम में बोटिंग शुरू करने के लिए फिलहाल 13 नावें पहुंच चुकी हैं। इनमें पर्यटकों की सुविधा के अनुसार दो सीट और चार सीट वाली नावें शामिल हैं। नावों के पहुंचने के बाद अब बोटिंग सेवा शुरू करने की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं।
पर्यटकों के सुरक्षित तरीके से नाव तक पहुंचने और नौका विहार करने के लिए डैम परिसर में प्लेटफार्म तैयार किया जा रहा है। प्लेटफार्म निर्माण का काम चल रहा है और इसके पूरा होने के बाद बोटिंग सेवा शुरू किए जाने की उम्मीद है।
इसके अलावा डैम में रोमांच और आकर्षण बढ़ाने के लिए मोटर बोट भी बहुत जल्द पहुंचने वाली है। मोटर बोट के आने के बाद पर्यटकों के लिए बक्शा डैम का आकर्षण और बढ़ने की संभावना है।
मां भद्रकाली मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी मिलेगा लाभ
बक्शा डैम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह क्षेत्र इटखोरी के प्रसिद्ध मां भद्रकाली मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी आकर्षण का नया केंद्र बन सकता है। धार्मिक पर्यटन के लिए इटखोरी पहले से ही महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
देश और राज्य के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु मां भद्रकाली मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। अब यदि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को डैम में नौका विहार की सुविधा मिलती है तो उनकी यात्रा में एक नया अनुभव जुड़ सकता है।
प्रशासन को उम्मीद है कि बक्शा डैम में बोटिंग शुरू होने के बाद मंदिर आने वाले श्रद्धालु भी यहां कुछ समय बिताएंगे। इससे क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है और स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को गति मिल सकती है।
पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
बक्शा डैम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की पहल को जिले में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित डैम को बेहतर तरीके से विकसित कर पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाया जा सकता है।
बोटिंग सुविधा इस योजना का शुरुआती हिस्सा है। इसके बाद पर्यटकों के लिए अन्य जरूरी सुविधाओं को भी विकसित किए जाने की संभावना है। प्रशासन का उद्देश्य ऐसा पर्यटन केंद्र तैयार करना है जहां लोग परिवार और दोस्तों के साथ समय बिता सकें।
स्थानीय लोगों को रोजगार की उम्मीद
पर्यटन बढ़ने का सीधा फायदा स्थानीय लोगों को मिलने की उम्मीद है। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से नाव संचालन, खान-पान, छोटे कारोबार, परिवहन और अन्य सेवाओं से जुड़े रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
स्थानीय दुकानदारों और व्यवसायियों को भी उम्मीद है कि बक्शा डैम में पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से उनके कारोबार में इजाफा होगा। यदि डैम और आसपास के क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार किया जाता है तो यह स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है।
सुरक्षा और सुविधा पर रहेगा जोर
बोटिंग सेवा शुरू करने से पहले पर्यटकों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होगी। नावों के संचालन के साथ सुरक्षा मानकों का पालन करना जरूरी होगा। प्लेटफार्म तैयार होने के बाद पर्यटकों के आने-जाने की व्यवस्था भी व्यवस्थित तरीके से की जाएगी।
दो-सीटर और चार-सीटर नावों के जरिए पर्यटकों को अलग-अलग समूहों में नौका विहार की सुविधा मिलने की उम्मीद है। वहीं मोटर बोट के संचालन से डैम में एक अलग तरह का आकर्षण जुड़ जाएगा।
बढ़ सकती है पर्यटकों की संख्या
चतरा जिले में पहले से ही कई धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थल मौजूद हैं। इटखोरी का मां भद्रकाली मंदिर इनमें प्रमुख है। बक्शा डैम में बोटिंग की सुविधा शुरू होने के बाद धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन को एक साथ जोड़ने का अवसर मिलेगा।
श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के बाद डैम पहुंचकर नौका विहार का आनंद ले सकेंगे। इससे पर्यटकों के ठहरने का समय बढ़ सकता है और जिले के अन्य पर्यटन स्थलों के प्रति भी रुचि पैदा हो सकती है।
तैयारियों को दिया जा रहा अंतिम रूप
फिलहाल डैम में 13 नावें पहुंच चुकी हैं और पर्यटकों के लिए प्लेटफार्म तैयार करने का काम जारी है। मोटर बोट के भी जल्द पहुंचने की उम्मीद है। इन तैयारियों के पूरा होने के बाद बक्शा डैम में बोटिंग सुविधा शुरू हो सकती है।
प्रशासन की यह पहल सफल रही तो बक्शा डैम चतरा के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी जगह बना सकता है। इससे इटखोरी आने वाले श्रद्धालुओं को नया आकर्षण मिलेगा और स्थानीय स्तर पर पर्यटन आधारित गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
बक्शा डैम में बोटिंग शुरू होने का इंतजार अब स्थानीय लोगों और पर्यटकों को है। 13 नावों के पहुंचने के बाद उम्मीद बढ़ गई है कि जल्द ही यहां नौका विहार का आनंद लिया जा सकेगा और चतरा के पर्यटन मानचित्र पर बक्शा डैम को एक नई पहचान मिलेगी।





