झारखंड

कांग्रेस सांसद पर यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर भाजपा का आंदोलन

Kavita2
11 Oct 2026 1:33 PM IST
कांग्रेस सांसद पर यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर भाजपा का आंदोलन
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रांची। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के प्रोफेसर एवं कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम से जुड़े छात्राओं के कथित यौन उत्पीड़न मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि 12 अक्टूबर को झारखंड के सभी जिलों में कांग्रेस कार्यालयों के सामने भाजपा महिला मोर्चा की ओर से धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस घोषणा के बाद मामला राजनीतिक चर्चा में आ गया है।

भाजपा ने कांग्रेस सांसद से जुड़े आरोपों को लेकर विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया है। पार्टी की महिला मोर्चा इकाई को इस आंदोलन की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, छात्राओं के कथित यौन उत्पीड़न से संबंधित आरोपों की न्यायिक पुष्टि होने या संबंधित सांसद के दोषी पाए जाने की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में आरोपों और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं को अलग-अलग समझना आवश्यक है।

12 अक्टूबर को सभी जिलों में प्रदर्शन

भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने 12 अक्टूबर को झारखंड के सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

उनके अनुसार, भाजपा महिला मोर्चा की ओर से कांग्रेस कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

इस आंदोलन का मुद्दा जेएनयू के प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम से जुड़े छात्राओं के कथित यौन उत्पीड़न के आरोप हैं।

भाजपा ने इस मामले को लेकर कांग्रेस के खिलाफ विरोध जताने का फैसला किया है।

हालांकि, विभिन्न जिलों में प्रदर्शन किस समय शुरू होंगे और कितनी देर तक चलेंगे, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है।

महिला मोर्चा संभालेगा आंदोलन की जिम्मेदारी

राज्यव्यापी आंदोलन में भाजपा महिला मोर्चा की प्रमुख भूमिका होगी।

प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी की घोषणा के अनुसार, महिला मोर्चा की ओर से सभी जिलों में कांग्रेस कार्यालयों के सामने धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।

इस प्रकार पार्टी ने विरोध प्रदर्शन को किसी एक शहर तक सीमित रखने के बजाय पूरे झारखंड में आयोजित करने का निर्णय लिया है।

हालांकि, महिला मोर्चा के किन पदाधिकारियों को अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन का नेतृत्व सौंपा गया है, इसका विवरण उपलब्ध नहीं है।

इसी तरह प्रदर्शन के दौरान ज्ञापन सौंपने या किसी अन्य कार्यक्रम की योजना के बारे में भी जानकारी नहीं दी गई है।

11 छात्राओं की शिकायत के बाद हुई थी कार्रवाई

इस विवाद की शुरुआत जेएनयू में छात्राओं की ओर से लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से हुई थी।

प्रकाशित विवरण के अनुसार, विश्वविद्यालय की 11 छात्राओं ने डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम के खिलाफ शिकायत की थी। विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति ने आरोपों की जांच की और अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की।

इसके बाद जेएनयू प्रशासन ने 9 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी कर उन्हें विश्वविद्यालय की सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया। यह विश्वविद्यालय की प्रशासनिक कार्रवाई है, किसी आपराधिक अदालत द्वारा दोषसिद्धि नहीं।

मणिपुर से कांग्रेस के लोकसभा सांसद हैं अकोइजाम

डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम मणिपुर की इनर मणिपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद हैं।

वह जेएनयू के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के अंतर्गत सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स से जुड़े थे।

उनके खिलाफ सामने आए आरोपों और विश्वविद्यालय की कार्रवाई के बाद मामला राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा में आ गया है।

भाजपा ने इस मामले में कांग्रेस नेतृत्व से जवाबदेही की मांग की है।

दूसरी ओर, अकोइजाम ने अपने खिलाफ हुई कार्रवाई को साजिश के तहत निशाना बनाए जाने का मामला बताया है। उन्होंने विश्वविद्यालय की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

अमर कुमार बाउरी ने कांग्रेस पर लगाए आरोप

भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने कांग्रेस पर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को अपने सांसद से जुड़े मामले पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

बाउरी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की प्रतिक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए।

भाजपा नेता के अनुसार, पार्टी महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और राजनीतिक जवाबदेही से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन करेगी।

ये आरोप और सवाल भाजपा के राजनीतिक रुख का हिस्सा हैं। कांग्रेस नेतृत्व की ओर से इन विशेष टिप्पणियों पर कोई पुष्ट प्रतिक्रिया उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

सांसद के इस्तीफे की मांग

भाजपा ने डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम के इस्तीफे की मांग भी उठाई है।

अमर कुमार बाउरी ने कहा कि महिला मोर्चा का प्रदर्शन केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं होगा। पार्टी इस मुद्दे पर चरणबद्ध आंदोलन जारी रखने की बात कह रही है।

भाजपा का कहना है कि सांसद के इस्तीफे तक विरोध जारी रखा जाएगा।

हालांकि, आगामी चरणों के कार्यक्रम और उनकी तारीखों का विस्तृत विवरण अभी सामने नहीं आया है।

झारखंड में कांग्रेस कार्यालयों के सामने धरना

भाजपा की घोषणा के अनुसार, सोमवार 12 अक्टूबर को झारखंड के सभी जिलों में कांग्रेस कार्यालयों के सामने महिला मोर्चा धरना-प्रदर्शन करेगा।

इस दौरान कांग्रेस सांसद से जुड़े मामले और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे को उठाया जाएगा।

प्रदर्शन के लिए सभी जिलों को शामिल करने की घोषणा से स्पष्ट है कि भाजपा इस मुद्दे पर राज्यव्यापी विरोध दर्ज कराना चाहती है।

हालांकि, जिलावार प्रदर्शन स्थलों, निर्धारित समय और कार्यक्रम में शामिल होने वाले पदाधिकारियों की पूरी सूची उपलब्ध नहीं है।

विश्वविद्यालय की कार्रवाई पर भी विवाद

जेएनयू की ओर से जारी बर्खास्तगी आदेश के बाद उसकी प्रक्रिया को लेकर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि आंतरिक समिति की जांच और संबंधित सेवा नियमों के आधार पर कार्रवाई की गई है।

वहीं, अकोइजाम ने कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए इसे अपने खिलाफ लक्षित कदम बताया है।

विश्वविद्यालय के कुछ शिक्षकों ने भी बर्खास्तगी का निर्णय लेने के अधिकार और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं।

इस प्रकार मामले में छात्राओं की शिकायत, विश्वविद्यालय की अनुशासनात्मक कार्रवाई और संबंधित प्रक्रिया पर उठी आपत्तियां अलग-अलग पहलू हैं।

12 अक्टूबर के प्रदर्शन पर नजर

झारखंड में भाजपा महिला मोर्चा के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

भाजपा ने स्पष्ट किया है कि 12 अक्टूबर को सभी जिलों में कांग्रेस कार्यालयों के सामने विरोध दर्ज कराया जाएगा।

प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी की घोषणा के अनुसार, पार्टी इस मुद्दे पर कांग्रेस से जवाबदेही की मांग कर रही है।

दूसरी ओर, डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम ने अपने खिलाफ हुई विश्वविद्यालय की कार्रवाई को चुनौती देने वाला रुख अपनाया है।

फिलहाल 12 अक्टूबर का राज्यव्यापी धरना-प्रदर्शन भाजपा का घोषित कार्यक्रम है। इसके आयोजन और आगे की राजनीतिक गतिविधियों की स्थिति कार्यक्रम के बाद स्पष्ट होगी।

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