
Jharkhand: बोकारो जिले के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र के चर्चित पुष्पा महतो हत्याकांड में पुलिस विभाग ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए 28 सस्पेंड पुलिसकर्मियों में से 25 को निलंबन मुक्त कर दिया है। हालांकि, मामले में जांच अभी भी जारी है और तीन पुलिसकर्मी फिलहाल सस्पेंड रहेंगे। जानकारी के अनुसार, तत्कालीन थाना प्रभारी अभिषेक रंजन, मुंशी अक्षय कुमार और केस के जांच अधिकारी अनिकेत कुमार पर आरोपों की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई जारी रखी गई है। पूर्व सिटी डीएसपी आलोक रंजन की जांच रिपोर्ट के आधार पर 25 पुलिसकर्मियों को राहत दी गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बाकी पुलिसकर्मियों की अनुसंधान में लापरवाही या किसी तरह की संलिप्तता साबित नहीं हुई, इसलिए उनका निलंबन समाप्त किया गया। वहीं, तीन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने जांच में गंभीर लापरवाही और कथित रूप से अनियमितताएं की थीं। यह मामला उस समय सामने आया था जब 21 जुलाई 2025 को पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र की पुष्पा महतो कॉलेज में फॉर्म जमा करने गई थी, लेकिन उसके बाद वह लापता हो गई। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया था और शुरुआत में शिकायत भी दर्ज नहीं की गई थी।
बाद में मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी फटकार लगाई गई। कोर्ट के निर्देश के बाद डीजीपी के आदेश पर विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। एसआईटी जांच में पुष्पा के प्रेमी दिनेश कुमार महतो को गिरफ्तार किया गया, जिसने पूछताछ में हत्या की बात स्वीकार की। उसने बताया कि उसने शादी के दबाव से परेशान होकर पुष्पा की हत्या की और शव को जंगल में छिपा दिया था। बाद में पुलिस ने उसकी निशानदेही पर कंकाल और हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद किया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर अब विभाग ने 25 पुलिसकर्मियों को निलंबन से मुक्त कर दिया है, जबकि तीन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच तेज कर दी गई है। इस पूरे मामले ने पुलिस कार्यप्रणाली और जांच प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित परिवार अब भी न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है और मामले की अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।





