झारखंड

दिवाली से पहले झारखंड को केंद्र का बड़ा तोहफा, विकास कार्यों के लिए मिले 3,660 करोड़ रुपये

Kavita2
3 Nov 2026 10:03 AM IST
दिवाली से पहले झारखंड को केंद्र का बड़ा तोहफा, विकास कार्यों के लिए मिले 3,660 करोड़ रुपये
x

रांची। दीपावली और आगामी पर्व-त्योहारों से पहले झारखंड को केंद्र सरकार की ओर से बड़ी आर्थिक राहत मिली है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने राज्य को कर हस्तांतरण की अतिरिक्त किस्त के रूप में 3,660 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस राशि का उपयोग राज्य सरकार विकास परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे के विस्तार और जनकल्याण से संबंधित खर्चों के लिए कर सकेगी। केंद्र सरकार ने 31 अक्टूबर 2026 को देश के 28 राज्यों के लिए कुल 1 लाख 9 हजार 19 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कर हस्तांतरण किस्त जारी की है। यह राशि राज्यों को मिलने वाली नियमित मासिक कर हिस्सेदारी के अतिरिक्त दी गई है।

केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अनुसार, आगामी त्योहारों के दौरान राज्यों की वित्तीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त राशि जारी करने का निर्णय लिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्यों को पूंजीगत व्यय बढ़ाने और विकास तथा कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराना है।

झारखंड के हिस्से में आए 3,660 करोड़ रुपये से राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति को अतिरिक्त सहारा मिलेगा। विशेष रूप से उन योजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है, जिनके लिए बजट की उपलब्धता महत्वपूर्ण है।

राज्य में सड़क, पुल, ग्रामीण विकास, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी अनेक परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। अतिरिक्त कर हिस्सेदारी मिलने से सरकार को इन क्षेत्रों में खर्च के लिए अधिक वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे।

हालांकि, केंद्र सरकार ने जारी की गई इस राशि को किसी एक विशेष योजना या विभाग के लिए निर्धारित नहीं किया है। राज्य सरकार अपने बजटीय प्रावधानों और प्राथमिकताओं के अनुसार इसका उपयोग कर सकेगी।

वित्त मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 31 अक्टूबर को राज्यों को कुल 1,09,019 करोड़ रुपये जारी किए गए। इनमें सबसे अधिक 19,208 करोड़ रुपये उत्तर प्रदेश को मिले हैं। इसके बाद बिहार को 10,845 करोड़ रुपये और मध्य प्रदेश को 8,010 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

पश्चिम बंगाल को 7,866 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र को 7,022 करोड़ रुपये और राजस्थान को 6,460 करोड़ रुपये मिले हैं। वहीं, ओडिशा को 4,819 करोड़ रुपये, आंध्र प्रदेश को 4,597 करोड़ रुपये और कर्नाटक को 4,504 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

इसी तरह तमिलनाडु को 4,466 करोड़ रुपये, गुजरात को 4,094 करोड़ रुपये, झारखंड को 3,660 करोड़ रुपये, छत्तीसगढ़ को 3,602 करोड़ रुपये और असम को 3,552 करोड़ रुपये मिले हैं।

दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को कर हस्तांतरण की प्रक्रिया के तहत केंद्रीय करों की निर्धारित हिस्सेदारी उपलब्ध कराई जाती है। यह राज्यों के राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्रोत होता है।

केंद्र सरकार आयकर, निगम कर और अन्य साझा किए जाने वाले केंद्रीय करों से प्राप्त राजस्व का निर्धारित हिस्सा राज्यों को देती है। इस व्यवस्था का उद्देश्य राज्यों को अपनी विकास योजनाओं और प्रशासनिक आवश्यकताओं के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराना है।

राज्यों को मिलने वाली कर हिस्सेदारी और केंद्र सरकार की ओर से दी जाने वाली अनुदान राशि में अंतर होता है। कर हस्तांतरण राज्यों का निर्धारित हिस्सा होता है, जबकि विशेष अनुदान अलग-अलग योजनाओं और नियमों के अनुसार दिया जा सकता है।

झारखंड जैसे राज्यों के लिए केंद्रीय करों में मिलने वाली हिस्सेदारी महत्वपूर्ण मानी जाती है। राज्य को अपने राजस्व स्रोतों के साथ-साथ केंद्रीय कर हस्तांतरण से भी विकास कार्यों के लिए संसाधन प्राप्त होते हैं।

वित्त वर्ष 2026-27 के झारखंड बजट में केंद्रीय करों से राज्य को लगभग 51,237 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान रखा गया है। यह राज्य की कुल वित्तीय योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में अतिरिक्त किस्त मिलने से सरकार को खर्च संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहूलियत हो सकती है।

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस अतिरिक्त किस्त को जारी करने का उद्देश्य केवल त्योहारों के दौरान होने वाले खर्चों में सहायता देना नहीं है, बल्कि राज्यों को पूंजीगत निवेश बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना भी है।

पूंजीगत व्यय के अंतर्गत सड़क, पुल, भवन, अस्पताल, विद्यालय और अन्य स्थायी सार्वजनिक परिसंपत्तियों के निर्माण जैसे कार्य आते हैं। इन परियोजनाओं पर निवेश से बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होता है और निर्माण गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

झारखंड में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाने, पेयजल सुविधाओं के विस्तार तथा स्वास्थ्य और शिक्षा से संबंधित आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की जरूरत बनी हुई है। अतिरिक्त वित्तीय संसाधन इन प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं।

इसके अतिरिक्त राज्य सरकार विभिन्न सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं का संचालन भी करती है। इन योजनाओं के लिए नियमित वित्तीय उपलब्धता आवश्यक होती है।

हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि केंद्र से प्राप्त 3,660 करोड़ रुपये में से कितनी राशि किस विभाग या योजना पर खर्च की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार के बजटीय निर्णयों और संबंधित विभागों की ओर से जारी आवंटन आदेशों की जानकारी आवश्यक होगी।

उल्लेखनीय है कि चालू वित्त वर्ष में केंद्र सरकार पहले भी राज्यों को कर हस्तांतरण की अतिरिक्त किस्त जारी कर चुकी है। एक अगस्त 2026 को केंद्र ने राज्यों के लिए 1,09,019 करोड़ रुपये की अतिरिक्त किस्त जारी की थी। उस समय भी झारखंड को 3,660 करोड़ रुपये मिले थे।

इस प्रकार चालू वित्त वर्ष में अतिरिक्त कर हस्तांतरण की दो किस्तों के माध्यम से झारखंड को कुल 7,320 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। यह राशि नियमित मासिक कर हस्तांतरण से अलग है।

वित्त मंत्रालय का कहना है कि अतिरिक्त राशि जारी करने से राज्यों को विकास कार्यों में तेजी लाने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से 3,660 करोड़ रुपये जारी किए जाने के बाद झारखंड सरकार के पास विकास और कल्याणकारी खर्चों के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध हो गए हैं। अब इन संसाधनों का उपयोग किन योजनाओं में किया जाता है और उनसे जनता को कितना लाभ मिलता है, यह राज्य सरकार के आगामी वित्तीय निर्णयों पर निर्भर करेगा।

Next Story