
Jharkhand: उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल में लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे शिक्षाकर्मियों के ट्रांसफर को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला होने जा रहा है। इस संबंध में 27 जून को हजारीबाग में प्रमंडलीय शिक्षा स्थापना समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में हजारीबाग सहित सात जिलों के शिक्षा अधिकारी शामिल होंगे और 100 से अधिक शिक्षाकर्मियों की सूची पर चर्चा की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, Hazaribagh में होने वाली इस बैठक में District Education Officers of North Chotanagpur Division के अंतर्गत आने वाले सात जिलों—हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, रामगढ़, बोकारो और धनबाद—के अधिकारी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा राजकीय शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के प्राचार्य भी बैठक में शामिल होंगे।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक यह बैठक शिक्षा विभाग में बड़े स्तर पर संभावित तबादलों की दिशा तय कर सकती है। इससे पहले भी 18 जून को बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन सभी सदस्यों की अनुपस्थिति के कारण इसे स्थगित करना पड़ा था। अब इस बार पूरी तैयारी के साथ बैठक आयोजित की जा रही है।
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के निर्देशों के अनुसार, तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही स्थान पर और छह वर्ष से अधिक समय से एक ही जिले में कार्यरत शिक्षाकर्मियों का स्थानांतरण अनिवार्य किया जाएगा। इसी आधार पर प्रारंभिक सूची तैयार की गई है, जिसमें 100 से अधिक कर्मियों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह सूची जिले और कार्यालय स्तर पर तैयार की गई है, जिसमें एक जिले से दूसरे जिले या एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में तबादला प्रस्तावित है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए जरूरी है।
हाल के समय में सामने आए कुछ वित्तीय अनियमितताओं के मामलों के बाद प्रशासनिक सख्ती बढ़ाई गई है। इसी कारण विभाग अब लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे कर्मचारियों की स्थिति को बदलने पर जोर दे रहा है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देशों का पालन सख्ती से करना होगा। किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीर माना जाएगा।
अब 27 जून की बैठक को शिक्षा विभाग में एक बड़े बदलाव की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। यदि प्रस्तावित सूची को मंजूरी मिलती है तो कई शिक्षाकर्मियों को नए जिलों में स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव संभव है।





