झारखंड

अवैध अस्पताल और नर्सिंग होम के खिलाफ बड़ा अभियान, 17 प्रतिष्ठान सील

SHIDDHANT
1 Sept 2025 11:23 PM IST
अवैध अस्पताल और नर्सिंग होम के खिलाफ बड़ा अभियान, 17 प्रतिष्ठान सील
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JHARKHAND झारखंड: पलामू जिले में अवैध अस्पताल और निजी नर्सिंग होम के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाया। यह कार्रवाई एक महिला की हाल ही में अवैध अस्पताल में ऑपरेशन के बाद मौत के बाद शुरू की गई। पांकी इलाके में शनिवार को हुई इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को सक्रिय कर दिया। घटना के बाद पलामू स्वास्थ्य विभाग ने मौके पर जांच शुरू की और तीन नर्सिंग होम को तत्काल सील किया। सोमवार को जिला प्रशासन ने पूरे जिले में अवैध अस्पताल और निजी नर्सिंग होम के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया। इस अभियान के तहत अब तक 17 अवैध प्रतिष्ठानों को सील किया जा चुका है।
पलामू के जिला कलेक्टर (डीसी) समीरा एस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए कि जिले में अवैध मेडिकल प्रतिष्ठानों पर नजर रखी जाए और किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त न की जाए। डीसी के आदेश पर चिकित्सा पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और क्षेत्रीय पुलिस इंस्पेक्टर के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया, जो नियमित रूप से अवैध अस्पताल और नर्सिंग होम पर कार्रवाई करेगी। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम अवैध मेडिकल प्रतिष्ठानों का दौरा कर उनके लाइसेंस और दस्तावेज जांच रही है। टीम ने अवैध ऑपरेशन, फर्जी मेडिकल प्रैक्टिस और सुरक्षा मानकों की अनदेखी जैसे मामलों को सामने लाया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठान भविष्य में तुरंत बंद किए जाएंगे और उनके संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पलामू में यह अभियान स्थानीय लोगों और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अहम कदम माना जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि जिले में लोगों की सुरक्षा और सही चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे किसी भी अवैध अस्पताल या नर्सिंग होम में इलाज न कराएं और ऐसे मामलों की सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग या पुलिस को दें। अवैध अस्पताल और नर्सिंग होम के कारण पलामू में हर साल कई लोगों की मौत और गंभीर स्वास्थ्य हादसे होते हैं। पिछले साल ही जिले में आधा दर्जन से अधिक लोग फर्जी मेडिकल प्रतिष्ठानों में इलाज के दौरान अपनी जान गंवा चुके हैं। प्रशासन का यह अभियान जिले में ऐसे मामलों को रोकने और कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
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