
रांची। कोल इंडिया लिमिटेड और उसकी अनुषंगी कंपनियों में कार्यरत गैर-अधिकारी संवर्ग के कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। कंपनी प्रबंधन ने कर्मचारियों के मकान किराया भत्ते यानी हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) की दरों में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। इस संबंध में कोल इंडिया मुख्यालय की ओर से आदेश जारी कर सभी सहायक कंपनियों को नई दरें लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले से देशभर में कोल इंडिया और उसकी अनुषंगी कंपनियों के दो लाख से अधिक कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं, झारखंड में कार्यरत 65 हजार से अधिक कोयला कर्मचारियों को भी बढ़े हुए भत्ते का फायदा होगा।
नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को उनके मूल वेतन और संबंधित शहर की श्रेणी के अनुसार अधिक एचआरए मिलेगा। इससे कर्मचारियों की मासिक आय में बढ़ोतरी होगी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस संशोधन से पात्र कर्मचारियों को प्रतिमाह लगभग 400 रुपये से लेकर 1,500 रुपये तक अतिरिक्त राशि मिल सकती है। हालांकि, बढ़ोतरी की वास्तविक राशि कर्मचारी के मूल वेतन और पात्रता पर निर्भर करेगी।
एक सितंबर या एक अक्टूबर से मिलेगा बढ़ा भत्ता?
कोल इंडिया के मानव संसाधन विभाग ने 22 अक्टूबर 2026 को एचआरए संशोधन से संबंधित कार्यालय आदेश जारी किया है।
इस आदेश के आधार पर प्रकाशित कई रिपोर्टों में नई दरें एक सितंबर 2026 से प्रभावी होने की जानकारी दी गई है। वहीं, कुछ रिपोर्टों में एक अक्टूबर 2026 का उल्लेख किया गया है।
इसलिए प्रभावी तिथि को लेकर अंतिम पुष्टि संबंधित कंपनी के आधिकारिक कार्यालय आदेश से करना जरूरी होगा।
हालांकि, एचआरए की नई दरों को लेकर प्रकाशित रिपोर्टों में समान जानकारी दी गई है। इसके अनुसार एक्स, वाई और जेड श्रेणी के शहरों में कर्मचारियों के मकान किराया भत्ते में बढ़ोतरी की गई है।
हर महीने 400 से 1500 रुपये तक का फायदा
एचआरए में बढ़ोतरी से कर्मचारियों को प्रतिमाह अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
उदाहरण के लिए, यदि किसी पात्र कर्मचारी का मूल वेतन 50 हजार रुपये है और वह एक्स श्रेणी के शहर में कार्यरत है, तो पुरानी व्यवस्था में उसे 12 हजार रुपये एचआरए मिलता था।
नई दर 27 प्रतिशत होने पर उसे 13,500 रुपये मकान किराया भत्ता मिलेगा। इस प्रकार उसके मासिक एचआरए में 1,500 रुपये की बढ़ोतरी होगी।
इसी तरह वाई श्रेणी में 50 हजार रुपये मूल वेतन वाले कर्मचारी का एचआरए आठ हजार रुपये से बढ़कर नौ हजार रुपये हो जाएगा।
वहीं, जेड श्रेणी में इसी मूल वेतन पर एचआरए चार हजार से बढ़कर 4,500 रुपये होगा।
ये केवल गणना समझाने के लिए उदाहरण हैं। वास्तविक भुगतान कर्मचारी की पात्रता और लागू नियमों के अनुसार होगा।
झारखंड के 65 हजार से ज्यादा कर्मियों को राहत
कोल इंडिया के इस फैसले से झारखंड के कोयला क्षेत्रों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
राज्य में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल), सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) और ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) जैसी कंपनियों की विभिन्न परियोजनाओं में बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यरत हैं।
झारखंड के धनबाद, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग और अन्य कोयला उत्पादक क्षेत्रों में कार्यरत पात्र कर्मचारियों को संशोधित एचआरए का फायदा मिल सकता है।
कोयला क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए आवास संबंधी खर्च मासिक बजट का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। ऐसे में मकान किराया भत्ते में बढ़ोतरी से कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलने की संभावना है।
महंगाई भत्ता बढ़ने के बाद लिया गया फैसला
कोल इंडिया में मकान किराया भत्ते की दरों में संशोधन का संबंध परिवर्तनशील महंगाई भत्ते यानी वीडीए में हुई बढ़ोतरी से है।
कंपनी ने सितंबर 2026 से वेतन बोर्ड के गैर-अधिकारी कर्मचारियों का वीडीए बढ़ाकर 26.8 प्रतिशत निर्धारित किया था।
यह दर निर्धारित 25 प्रतिशत की सीमा से अधिक हो गई थी। इसके बाद 11वें राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते के प्रावधानों के तहत एचआरए की दरों में बदलाव किया गया।
जानकारी के अनुसार, एनसीडब्ल्यूए-11 के क्लॉज 8.1.3 और संबंधित कार्यान्वयन निर्देशों के आधार पर नई दरों को मंजूरी दी गई है।
इस संशोधन का उद्देश्य वेतन समझौते के प्रावधानों के अनुरूप कर्मचारियों को निर्धारित आर्थिक लाभ उपलब्ध कराना है।
सभी अनुषंगी कंपनियों को निर्देश जारी
कोल इंडिया मुख्यालय ने संशोधित एचआरए लागू करने के संबंध में अपनी अनुषंगी कंपनियों को निर्देश भेज दिए हैं।
इनमें बीसीसीएल, सीसीएल, ईसीएल, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड, नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड और वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं।
संबंधित कंपनियों को पात्र कर्मचारियों के वेतन और भत्तों की गणना संशोधित दरों के अनुसार करनी होगी।
नई दरों का लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा, जो वेतन बोर्ड के गैर-अधिकारी संवर्ग में आते हैं और एचआरए प्राप्त करने की निर्धारित शर्तें पूरी करते हैं।
पुराने नियम और शर्तें रहेंगी लागू
कोल इंडिया प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि एचआरए की दरों में संशोधन के अलावा पात्रता और भुगतान से संबंधित मौजूदा नियमों में कोई अन्य बदलाव नहीं किया गया है।
इसका मतलब है कि कर्मचारियों को मकान किराया भत्ता प्राप्त करने के लिए पहले से निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा।
जिन कर्मचारियों को कंपनी के नियमों के अनुसार आवास उपलब्ध कराया गया है या जिनके मामले में अलग व्यवस्था लागू है, उनकी पात्रता संबंधित प्रावधानों के आधार पर तय होगी।
इसलिए सभी गैर-अधिकारी कर्मचारियों को एक समान राशि मिलना जरूरी नहीं है।
कर्मचारियों के मासिक बजट को मिलेगी मजबूती
एचआरए में बढ़ोतरी को कोयला कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक राहत माना जा रहा है। बढ़ती महंगाई और आवास संबंधी खर्चों के बीच अतिरिक्त भत्ता कर्मचारियों के मासिक बजट को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
विशेष रूप से किराए के मकानों में रहने वाले कर्मचारियों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल कोल इंडिया और उसकी अनुषंगी कंपनियों में कार्यरत दो लाख से अधिक पात्र कर्मचारियों के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब संबंधित कंपनियों की वेतन शाखाओं द्वारा संशोधित दरों के अनुसार भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। कर्मचारियों को वास्तविक लाभ उनकी श्रेणी, मूल वेतन और लागू नियमों के अनुसार प्राप्त होगा।





