
गढ़वा: बड़गड़ प्रखंड में वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिलने के कारण 75 वर्षीय रतन लकड़ा की मौत का मामला अब गंभीर रूप ले चुका है। घटना के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को प्रशासनिक जांच टीम बड़गड़ स्थित झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक की शाखा पहुंची और पूरे मामले की जांच की। जांच के दौरान बैंक के एक मैसेंजर पर रिश्वत लेने का गंभीर आरोप भी सामने आया, जिसके बाद एसडीएम ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। गढ़वा उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा के निर्देश पर रंका अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) मोहम्मद परवेज और लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (एलडीएम) सत्यदेव कुमार जांच के लिए बैंक पहुंचे। अधिकारियों ने मृतक रतन लकड़ा के परिजनों, ग्रामीणों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बैंक कर्मचारियों से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।
जांच के दौरान रतन लकड़ा की पत्नी रेपा लकड़ा, पुत्र अनिल लकड़ा और पुत्रवधू फुलमनी लकड़ा ने अधिकारियों को बताया कि रतन लकड़ा लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनकी वृद्धावस्था पेंशन ही इलाज और रोजमर्रा की जरूरतों का मुख्य सहारा थी। परिजनों का आरोप है कि बैंक में केवाईसी अपडेट नहीं होने के कारण उनकी पेंशन की राशि रोकी गई थी। परिजनों ने बताया कि बीमारी के कारण रतन लकड़ा बैंक की दूसरी मंजिल तक जाने में सक्षम नहीं थे। उन्होंने कई बार बैंक कर्मचारियों से अनुरोध किया कि घर आकर बायोमेट्रिक सत्यापन कर दिया जाए, लेकिन उनकी मदद नहीं की गई। परिवार का कहना है कि अगर समय पर पेंशन की राशि मिल जाती तो रतन लकड़ा का इलाज बेहतर तरीके से हो सकता था और शायद उनकी जान बच सकती थी।
मृतक की पुत्रवधू फुलमनी लकड़ा ने जांच टीम को बताया कि उन्होंने शाखा प्रबंधक कृष्ण कुमार से ससुर की गंभीर स्थिति बताते हुए मदद मांगी थी। आरोप है कि इस दौरान शाखा प्रबंधक ने बैंक के मैसेंजर नंदलाल राम उर्फ हेमंत कुमार से उन्हें बाहर निकालने को कहा। इससे आहत होकर वह बैंक से वापस लौट गईं। बाद में जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद बैंक कर्मी घर पहुंचे और बिस्तर पर ही बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी की गई, लेकिन इसके बावजूद खाते से पेंशन की राशि नहीं निकल सकी। परिजनों का आरोप है कि प्रशासनिक और बैंक स्तर पर लापरवाही के कारण एक बुजुर्ग की जान चली गई।
जांच के दौरान एक अन्य महिला रंजु देवी भी अधिकारियों के पास पहुंचीं और बैंक मैसेंजर नंदलाल राम पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। महिला ने बताया कि पति की मौत के बाद खाते में जमा करीब 55 हजार रुपये निकालने के लिए उनसे पांच हजार रुपये की मांग की गई। महिला का आरोप है कि पैसे निकालने के बाद तीन हजार रुपये मैसेंजर ने अपने पास रख लिए। शिकायत मिलने के बाद एसडीएम मोहम्मद परवेज ने संबंधित कर्मचारी को कड़ी फटकार लगाई और बुधवार तक महिला की पूरी राशि वापस करने का निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा में पैसे वापस नहीं किए गए तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच के समय बैंक शाखा प्रबंधक कृष्ण कुमार अवकाश पर थे। उनकी अनुपस्थिति में कैशियर विकास कुमार दुबे ने जांच टीम को खाते और लेनदेन से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराए। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण बैंक परिसर में मौजूद रहे और उन्होंने बुजुर्ग एवं जरूरतमंद खाताधारकों के साथ बेहतर व्यवहार तथा दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की। गौरतलब है कि सोमवार को रतन लकड़ा की मौत के बाद ग्रामीणों ने उनका शव बैंक गेट पर रखकर करीब दो घंटे तक प्रदर्शन किया था। मामले की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संज्ञान लिया, जिसके बाद जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





