
जमशेदपुर। झारखंड के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर से एक सनसनीखेज साइबर अपराध का मामला सामने आया है। एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक (डायरेक्टर) प्रो. डॉ. गौतम सूत्रधार का व्हाट्सएप (WhatsApp) अकाउंट हैक कर लिया गया है। हैकर्स निदेशक के आधिकारिक और व्यक्तिगत संपर्क सूत्रों का इस्तेमाल कर संस्थान के शिक्षकों, कर्मचारियों, मित्रों और अन्य परिचितों से साइबर ठगी का प्रयास कर रहे हैं। इस गंभीर घटना के सामने आते ही एनआईटी प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामले की लिखित शिकायत पुलिस में दर्ज करा दी गई है और पुलिस साइबर सेल के जरिए जांच में जुट गई है।
50 हजार से 1 लाख रुपये की मांग, '2 घंटे में वापस करने' का झांसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हैकर निदेशक के व्हाट्सएप नंबर का पूरी तरह से नियंत्रण हासिल कर चुका है और उनके कांटेक्ट लिस्ट में मौजूद लोगों को लगातार आपातकालीन मैसेज भेज रहा है। ठगी करने के लिए हैकर परिचितों से 50 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक की मांग कर रहा है।
मैसेज में यह दावा किया जा रहा है कि किसी अति आवश्यक काम या अचानक आई जरूरत के कारण पैसे मांगे जा रहे हैं और यह राशि महज दो घंटे के भीतर वापस कर दी जाएगी। झांसा देने के लिए हैकर पैसे अपने मोबाइल नंबर पर ट्रांसफर करने को कह रहा है और बातचीत के दौरान अपना नाम 'शाहिद' बता रहा है।
एनआईटी प्रबंधन और निदेशक ने जारी की चेतावनी
जैसे ही निदेशक प्रो. डॉ. गौतम सूत्रधार को अपने व्हाट्सएप अकाउंट के हैक होने और उनके नाम पर पैसे मांगे जाने की खबर मिली, उन्होंने तुरंत एक्शन लेते हुए अपने सभी परिचितों और सहकर्मियों को सचेत किया। निदेशक की ओर से एक सार्वजनिक अपील जारी की गई है, जिसमें उन्होंने कहा है कि यदि उनके व्हाट्सएप नंबर से किसी भी प्रकार के पैसों के लेन-देन या मदद का कोई संदेश प्राप्त होता है, तो उस पर बिल्कुल भी विश्वास न करें।
एनआईटी जमशेदपुर प्रबंधन ने भी इस संबंध में एक एडवाइजरी जारी करते हुए संस्थान के सभी प्रोफेसरों, कर्मचारियों और छात्रों को अलर्ट रहने की सलाह दी है। संस्थान ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह के वित्तीय लेन-देन से पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे फोन पर बात करके या व्यक्तिगत रूप से मिलकर सच्चाई की पुष्टि अवश्य कर लें।
पुलिस और साइबर सेल में शिकायत दर्ज
घटना की गंभीरता को देखते हुए निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार की ओर से जमशेदपुर के स्थानीय थाने और साइबर अपराध शाखा में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में साइबर अपराधियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने और खाता तुरंत ब्लॉक कराने का अनुरोध किया गया है।
फिलहाल, पुलिस की साइबर सेल टीम उस मोबाइल नंबर और आईपी एड्रेस को ट्रैक करने में जुटी है, जिसका इस्तेमाल हैकर पैसों के लेन-देन और मैसेज भेजने के लिए कर रहा है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे इस तरह के साइबर फ्रॉड से सतर्क रहें और अनजान या संदिग्ध मैसेजों के बहकावे में आकर पैसे ट्रांसफर न करें।





