झारखंड

बरकाकाना-कोडरमा रेल लाइन का होगा विस्तार, 3000 करोड़ मंजूर

Saba Naaz
28 July 2026 2:27 PM IST
बरकाकाना-कोडरमा रेल लाइन का होगा विस्तार, 3000 करोड़ मंजूर
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बरकाकाना (रामगढ़)। झारखंड में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी परियोजना को मंजूरी दी है। बरकाकाना से अरगड्डा, हजारीबाग होते हुए कोडरमा तक 133 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के दोहरीकरण की योजना को हरी झंडी मिल गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 3000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आने का अनुमान है। रेल लाइन के दोहरीकरण से यात्री ट्रेनों के संचालन में सुधार होगा और माल ढुलाई की क्षमता भी बढ़ेगी।

रेल मंत्रालय की योजना के अनुसार, वर्तमान में इस रेलखंड पर सिंगल लाइन होने के कारण ट्रेनों के परिचालन में कई तरह की परेशानियां आती हैं। एक ही ट्रैक होने की वजह से कई बार ट्रेनों को रोकना पड़ता है और समय पर संचालन प्रभावित होता है। अब दोहरीकरण के बाद दोनों दिशाओं में ट्रेनों की आवाजाही आसान हो जाएगी और रेल यातायात अधिक सुचारु तरीके से चल सकेगा।

धनबाद मंडल के अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना पर काम आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मंजूरी मिलने के बाद सर्वेक्षण, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR), टेंडर प्रक्रिया और अन्य तकनीकी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। रेलवे का लक्ष्य तय समय सीमा के भीतर इस परियोजना को पूरा करना है।

यह रेल मार्ग झारखंड के महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ता है। बरकाकाना-कोडरमा रेल लाइन कोडरमा, चतरा, हजारीबाग और रामगढ़ जिलों से होकर गुजरती है। ऐसे में इस परियोजना का लाभ इन जिलों के लाखों लोगों को मिलने की उम्मीद है। दोहरी लाइन बनने के बाद यात्रियों को ज्यादा ट्रेनें मिलने की संभावना है, जिससे यात्रा का समय कम होगा और आवागमन पहले से अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।

झारखंड का यह क्षेत्र कोयला और खनिज संपदा के लिए जाना जाता है। यहां से बड़ी मात्रा में कोयला और अन्य खनिज देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजे जाते हैं। वर्तमान में सिंगल लाइन होने के कारण मालगाड़ियों के संचालन में भी कई बार बाधाएं आती हैं। रेल लाइन के दोहरीकरण के बाद माल ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी और उद्योगों को सीधा फायदा मिलेगा।

इस परियोजना के तहत कई बड़े निर्माण कार्य भी किए जाएंगे। योजना के अनुसार, करीब 17 बड़े पुल और लगभग 180 छोटे पुल-पुलियों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा सड़क और रेल यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए कई स्थानों पर रोड ओवर ब्रिज और रोड अंडर ब्रिज भी बनाए जाएंगे। इससे रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम और लंबे इंतजार की समस्या कम होगी।

रेल लाइन के विस्तार से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। निर्माण कार्य के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को काम मिलेगा, जबकि परियोजना पूरी होने के बाद व्यापार, परिवहन और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। बेहतर रेल सुविधा से स्थानीय बाजारों और छोटे कारोबारियों को भी फायदा पहुंच सकता है।

इस रेलखंड के दोहरीकरण से बरकाकाना स्टेशन की भूमिका भी और महत्वपूर्ण हो जाएगी। वर्तमान में बरकाकाना स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस स्टेशन से कई राज्यों के लिए ट्रेन सेवाएं संचालित होती हैं। आने वाले समय में दोहरी रेल लाइन बनने के बाद यहां से और अधिक ट्रेनों के संचालन की उम्मीद जताई जा रही है।

फिलहाल इस रूट पर कुछ प्रमुख ट्रेनें संचालित हो रही हैं, जिनमें पटना से रांची तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस, आसनसोल से हटिया तक चलने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस और कोडरमा से बरकाकाना के बीच पैसेंजर ट्रेन शामिल हैं। दोहरी लाइन बनने के बाद नई ट्रेनों के संचालन और मौजूदा ट्रेनों की संख्या बढ़ने की संभावना है।

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना सिर्फ परिवहन सुविधा बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि झारखंड के आर्थिक विकास को भी गति देगी। बेहतर रेल नेटवर्क से व्यापार, रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। केंद्र सरकार की इस मंजूरी को झारखंड के रेल विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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