
बंदगांव (पश्चिमी सिंहभूम)। बंदगांव प्रखंड की सावनिया पंचायत स्थित लगोरा नव प्राथमिक विद्यालय की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। करीब 45 बच्चे जर्जर भवन में जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। भवन की दीवारों और छत में बड़ी दरारें आ चुकी हैं, जिससे किसी भी समय हादसे की आशंका जताई जा रही है। विद्यालय में स्थिति इतनी खराब है कि केवल एक पारा शिक्षक के सहारे 45 से अधिक बच्चों की पढ़ाई संचालित हो रही है। पर्याप्त शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कम से कम दो शिक्षकों की नियुक्ति जरूरी है, ताकि बच्चों की शिक्षा बेहतर हो सके।
विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं का भी भारी अभाव है। परिसर में लगी जलमीनार पिछले चार वर्षों से खराब पड़ी है, जिससे पेयजल संकट बना हुआ है। बच्चों को पीने के पानी और हाथ धोने के लिए करीब आधा किलोमीटर दूर नदी तक जाना पड़ता है। शौचालय की सुविधा नहीं होने से छात्र-छात्राओं को खुले में जाने को मजबूर होना पड़ता है। वहीं मध्याह्न भोजन के लिए बना रसोईघर भी जर्जर हालत में है, जिससे सुरक्षा और स्वच्छता पर सवाल उठ रहे हैं।
इसी मुद्दे को लेकर रविवार को ग्रामीणों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें शिक्षा विभाग और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। ग्रामीणों ने कहा कि या तो भवन की तुरंत मरम्मत कराई जाए या नया भवन बनाया जाए। साथ ही पेयजल, शौचालय, चहारदीवारी और सुरक्षित रसोईघर जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। समाजसेवी लाक्षुराम मुंडरी ने कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे व्यापक आंदोलन करेंगे।
वहीं प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी काली प्रसाद गुप्ता ने बताया कि मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है और आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल बच्चों की पढ़ाई वैकल्पिक स्थान पर कराई जा रही है।





