झारखंड

जिले में आयुष सोसाइटी का होगा गठन, कोरोना के बाद आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का बढ़ा महत्व

Admin Delhi 1
18 Jan 2023 11:10 AM GMT
जिले में आयुष सोसाइटी का होगा गठन, कोरोना के बाद आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का बढ़ा महत्व
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जमशेदपुर न्यूज़: आयुष विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी के लिए पूर्वी सिंहभूम में आयुष सोसाइटी का गठन होगा. जिला स्वास्थ्य समिति की तर्ज पर जिला आयुष सोसाइटी बनेगी, जिसमें डीसी, डीडीसी, डीपीएम समेत 12 सदस्य रहेंगे. डीसी अध्यक्ष होंगी और जिला आयुष पदाधिकारी सचिव.

सोसाइटी के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. सोसाइटी के जिम्मे आयुष मंत्रालय की ओर चलने वाले कार्यों की निगरानी होगी. जिले में आयुष विभाग की ओर से कई योजनाएं चल रही हैं. बाराद्वारी में पंचकर्म अस्पताल बनने वाला है. इसके लिए जमीन चिह्नित हो गई है. इसके अलावा जिले में 15 और आयुष हेल्थ एंड वेलेनेस सेंटर के लिए जमीन की तलाश की जा रही है. जिले में 13 सीएचओ की भी तैनाती की गई है. कोरोना के बाद आयुर्वेद, देसी चिकित्सा समेत आयुष से जुड़ी अन्य चिकित्सा पद्धति से इलाज कराने का महत्व बढ़ा है. कई बीमारियों में आयुर्वेद चिकित्सा फायदेमंद साबित हुई है. कोरोना के समय शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए कई तरह के काढ़ा का प्रयोग लोगों ने किया था. आयुष मंत्रालय की ओर से आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में जड़ी-बूटियों तथा रसायनों को सूचीबद्ध किया गया है. आयुर्वेद में जो भी रसायन हैं, वे जड़ी-बूटियों का एक संयोजन हैं, जो पूर्ण प्राकृतिक हैं. आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों जैसे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा आदि में बहुत कारगर है.

महामारी के दौरान रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए अधिकांश घरों में गिलोय, एलोवेरा, विधारा, अश्वगंधा, तुलसी और सुदर्शन के पौधे का उपयोग हो रहा था. खासमहल स्थित जिला आयुष अस्पताल में हर माह औसतन 600 से 650 नए लोग आयुर्वेद चिकित्सा से इलाज कराने आ रहे हैं. कोरोना से पहले हर माह औसतन 400 से 450 मरीज इलाज के लिए आते थे. शहर की तुलना ग्रामीण इलाकों में भी आयुर्वेद चिकित्सा से इलाज कराने वालों की संख्या बढ़ी है.

आयुष विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए जिला आयुष सोसाइटी का गठन होना है. इसमें डीसी, डीडीसी, डीपीएम समेत 12 सदस्य होंगे. सोसाइटी का रजिस्ट्रेशन भी होगा.

- डॉ. आलोक चंद्र श्रीवास्तव, जिला आयुष पदाधिकारी

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