
Jharkhand: पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के चर्चित रामपुर गोलीकांड के मुख्य आरोपी मंटू सिंह को लेकर नया विवाद सामने आया है। आरोपी के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस रिमांड के दौरान उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उसके शरीर के निचले हिस्से में गंभीर चोटें आई हैं। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि यह गंभीर कस्टोडियल टॉर्चर का मामला है।
परिजनों के अनुसार, मंटू सिंह ने 9 जून को अदालत में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद 22 जून को चैनपुर थाना पुलिस ने उसे 24 घंटे की रिमांड पर लिया। आरोप है कि पूछताछ के दौरान रात में उसके साथ मारपीट की गई और उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। परिवार का कहना है कि उसके शरीर के निचले हिस्से में सूजन और लाल-काले निशान पाए गए हैं।
परिजनों ने यह भी दावा किया है कि मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एमएमसीएच) की मेडिकल रिपोर्ट में चोट के संकेत मिले हैं। रिपोर्ट में उपचार के लिए दवाएं भी लिखी गई हैं, जिनमें साइक्लोपारा टैबलेट शामिल है। उनका कहना है कि मेडिकल जांच में चोट की पुष्टि ने उनके आरोपों को और मजबूत किया है।
वहीं दूसरी ओर पुलिस अधिकारियों ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। सदर डीएसपी राजेश यादव ने कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप झूठे और निराधार हैं। उन्होंने कहा कि मामले को गलत दिशा देने की कोशिश की जा रही है और उनकी किसी भी तरह की संलिप्तता नहीं है।
डीएसपी ने यह भी कहा कि जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। फिलहाल पुलिस और परिजनों के दावों में विरोधाभास बना हुआ है। एक तरफ परिवार पुलिस पर गंभीर आरोप लगा रहा है, तो दूसरी ओर पुलिस इन आरोपों को सिरे से नकार रही है।
इस पूरे मामले ने पलामू में हलचल बढ़ा दी है और अब सभी की नजरें निष्पक्ष जांच पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो सके कि आरोपी के शरीर पर चोटें किन परिस्थितियों में आईं।





