झारखंड

जर्जर भवन में चल रहा आंगनबाड़ी केंद्र, प्रशासन बेखबर

Saba Naaz
11 July 2026 10:10 PM IST
जर्जर भवन में चल रहा आंगनबाड़ी केंद्र, प्रशासन बेखबर
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सरायकेला-खरसावां जिले: ईचागढ़ प्रखंड स्थित रघुनाथपुर आंगनबाड़ी केंद्र की जर्जर हालत ने बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सरकारी भवन की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि वहां बच्चों को बैठाना जोखिम भरा हो गया है। छत की सीलिंग लगातार टूटकर गिर रही है, जिसके चलते किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई थी।

बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन सेविका रीता कुमारी के निजी घर से किया जा रहा है। यहां बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा देने के साथ ही पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। हालांकि, यह व्यवस्था केवल अस्थायी है और लंबे समय तक इसके भरोसे केंद्र का संचालन करना आसान नहीं है।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, रघुनाथपुर आंगनबाड़ी केंद्र के भवन की स्थिति कई वर्षों से खराब है। नए भवन निर्माण की मांग ग्रामीणों द्वारा लगातार की जा रही है। बताया जा रहा है कि पिछले पांच से सात वर्षों से ग्रामीण इस समस्या को लेकर विभाग और प्रशासन के अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।

ग्रामीणों का कहना है कि जब भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी पहले से थी, तो समय रहते मरम्मत या नए भवन निर्माण की दिशा में कदम क्यों नहीं उठाए गए। उनका आरोप है कि प्रशासनिक प्रक्रिया और फाइलों में देरी के कारण बच्चों को असुविधा झेलनी पड़ रही है।

आंगनबाड़ी केंद्रों का उद्देश्य बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा को बढ़ावा देना है। ऐसे में केंद्र के लिए सुरक्षित भवन का होना बेहद जरूरी है। लेकिन रघुनाथपुर केंद्र में बुनियादी सुविधा का अभाव बच्चों के लिए परेशानी का कारण बन गया है।

इस मामले में ईचागढ़ की प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सह प्रभारी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) एकता वर्मा ने बताया कि भवन की अत्यंत खराब स्थिति को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा के लिए केंद्र को सेविका के घर से संचालित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि नए भवन निर्माण के लिए संबंधित विभाग को पहले ही प्रस्ताव भेजा जा चुका है। हालांकि, अभी तक उच्च स्तर से स्वीकृति नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य को जल्द शुरू कराने के लिए विभाग को दोबारा स्मार पत्र भेजा जाएगा, ताकि मामले को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा सके।

ग्रामीणों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के विकास और पोषण से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे में यहां सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। जर्जर भवन के कारण बच्चों और सेविका दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

यह मामला सरकारी योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की स्थिति को भी उजागर करता है। एक ओर सरकार बच्चों के पोषण और शिक्षा को प्राथमिकता देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर कई स्थानों पर आंगनबाड़ी केंद्रों को सुरक्षित भवन तक उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।

अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान निकालेगा और रघुनाथपुर आंगनबाड़ी केंद्र को नया भवन मिल सकेगा। ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा और पोषण की सुविधा मिल सके।

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