
लातेहार: झारखंड के लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड में मंगलवार को सड़क व्यवस्था की बदहाली की एक मार्मिक तस्वीर सामने आई। माल्हन पंचायत के केकराही गांव में एक महिला का शव लेकर पहुंची एंबुलेंस खराब सड़क के कारण गांव तक नहीं पहुंच सकी। कीचड़ में वाहन इस कदर फंस गया कि ग्रामीणों को शव अपने कंधों पर उठाकर गांव तक ले जाना पड़ा।
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में सड़क और बुनियादी सुविधाओं को लेकर किए जा रहे विकास के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एंबुलेंस रास्ते में फंसी
जानकारी के अनुसार, केकराही गांव निवासी बबिता देवी का शव लेकर एंबुलेंस गांव की ओर जा रही थी। लेकिन बारिश के कारण खराब हो चुकी कच्ची सड़क पर पहुंचते ही एंबुलेंस कीचड़ में फंस गई।
चालक ने काफी प्रयास किया, लेकिन वाहन को बाहर निकालना संभव नहीं हो पाया। इस दौरान मृतका के परिजन और ग्रामीण एंबुलेंस के पीछे खड़े रहे।
आंखों में आंसू लिए परिवार के लोग अपने परिजन के शव को गांव तक पहुंचाने के लिए परेशान नजर आए।
ग्रामीणों ने उठाया शव
जब एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ सकी तो ग्रामीणों ने खुद जिम्मेदारी संभाली। काफी मशक्कत के बाद लोगों ने शव को अपने कंधों पर उठाया और कीचड़ भरे रास्ते से होते हुए गांव तक पहुंचाया।
यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है, जब खराब सड़क के कारण ऐसी परेशानी सामने आई है।
बारिश में दलदल बन जाती है सड़क
केकराही गांव रेलवे लाइन और देवनद नदी के बीच बसा हुआ है। गांव तक पहुंचने वाली सड़क लंबे समय से जर्जर स्थिति में है।
ग्रामीणों के अनुसार, सामान्य दिनों में किसी तरह आवागमन हो जाता है, लेकिन बारिश शुरू होते ही यही रास्ता कीचड़ और दलदल में बदल जाता है।
बरसात के मौसम में चार पहिया वाहन तो दूर, पैदल चलना भी बेहद मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों ने कई बार उठाई सड़क की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव की सड़क बनवाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया है।
इसके बावजूद अब तक सड़क निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन सुविधाओं पर भी इसका सीधा असर पड़ता है।
मरीजों और बुजुर्गों को होती है परेशानी
ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश के दिनों में बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाना बड़ी चुनौती बन जाता है।
एंबुलेंस जैसी जरूरी सेवा भी गांव तक नहीं पहुंच पाती। ऐसे में मरीजों को कई बार पैदल या किसी अन्य साधन से मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।
मंगलवार को शव ले जा रही एंबुलेंस का फंसना इसी समस्या का उदाहरण बन गया।
विकास के दावों पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ गांवों में विकास और बेहतर सुविधाओं के दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर कई गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सड़क जैसी बुनियादी सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों को हर साल बारिश के मौसम में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
प्रशासन से उम्मीद
ग्रामीणों ने मांग की है कि केकराही गांव तक पहुंचने वाली सड़क का जल्द से जल्द निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी आपात स्थिति में लोगों को ऐसी परेशानी न उठानी पड़े।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बनने से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी सुविधाओं तक पहुंच भी बेहतर हो सकेगी।
केकराही गांव की यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को सामने लाती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी कदम उठाता है और ग्रामीणों को कब तक इस परेशानी से राहत मिलती है।





