झारखंड

दवाओं की गुणवत्ता पर अलर्ट, जमशेदपुर समेत कोल्हान में जांच अभियान

nidhi
28 Oct 2026 9:32 AM IST
दवाओं की गुणवत्ता पर अलर्ट, जमशेदपुर समेत कोल्हान में जांच अभियान
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दवा गुणवत्ता अलर्ट के बाद विभाग सक्रिय
जमशेदपुर: केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन के सितंबर 2026 के गुणवत्ता अलर्ट के बाद जमशेदपुर सहित कोल्हान में औषधि विभाग ने जांच अभियान शुरू किया है। देशभर में 330 दवा नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं पाए गए हैं। स्थानीय स्तर पर विभाग यह पता लगा रहा है कि संबंधित बैच की दवाएं क्षेत्र के बाजारों में पहुंची हैं या नहीं। दवा कारोबारियों से खरीद-बिक्री और उपलब्ध स्टॉक का विवरण मांगे जाने की जानकारी सामने आई है। यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 330 का आंकड़ा देशभर में जांचे गए असफल नमूनों का है। इसका अर्थ यह नहीं कि कोल्हान की दुकानों में इतनी खराब दवाएं मिली हैं। किसी विशेष नमूने के गुणवत्ता जांच में विफल होने से उसी नाम की सभी दवाओं, दूसरे बैचों या संबंधित कंपनी के सभी उत्पादों को खराब नहीं माना जा सकता।
केंद्रीय प्रयोगशालाओं में 42, राज्यों में 288 नमूने विफल
आकाशवाणी की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर की जांच में केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं ने 42 और राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 288 नमूनों को ‘नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी’ यानी एनएसक्यू श्रेणी में रखा। दोनों को मिलाकर कुल संख्या 330 है। किसी नमूने के एक या अधिक निर्धारित गुणवत्ता मानकों में विफल होने पर उसे इस श्रेणी में रखा जाता है। गुणवत्ता मानक पर असफल नमूने और नकली उत्पाद अलग श्रेणियां हैं। इसलिए सभी असफल नमूनों को एक साथ ‘नकली दवाएं’ कहना सही नहीं होगा। गुणवत्ता संबंधी निष्कर्ष उस उत्पाद और बैच से जुड़ा होता है जिसकी जांच की गई है। उपभोक्ताओं के लिए इसी वजह से दवा के नाम के साथ उसकी निर्माता कंपनी और बैच नंबर देखना महत्वपूर्ण है।
कोल्हान में कारोबारियों से मांगा गया विवरण
दैनिक विश्वमित्र की स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, औषधि विभाग ने कारोबारियों को संबंधित बैच नंबरों की सूची भेजी है। उनसे दवाओं की खरीद, बिक्री, खपत और बचे हुए स्टॉक की जानकारी मांगी गई है। इस विवरण से यह पता लगाने का प्रयास होगा कि संबंधित बैच की कितनी दवाएं क्षेत्र में आईं और कितनी अभी दुकानों या भंडारण स्थलों पर उपलब्ध हैं। जांच में पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक तथा बीपी, थायराइड और मधुमेह के उपचार से जुड़े उत्पादों के संबंधित बैचों पर नजर होने की जानकारी दी गई है। हालांकि, इसका अर्थ इन बीमारियों की सभी दवाओं पर संदेह करना नहीं है। किसी दुकान में उत्पाद का नाम मिलना पर्याप्त नहीं होगा। जांच में बैच का मिलान आवश्यक है। इसी तरह एक दुकान पर संबंधित बैच नहीं मिलने से पूरे क्षेत्र में उसकी अनुपस्थिति का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
संबंधित बैच की बिक्री रोकने के निर्देश
स्थानीय रिपोर्ट में ड्रग इंस्पेक्टर सोनी बारा के हवाले से बताया गया है कि गुणवत्ता जांच में विफल बैच मिलने पर उन्हें वापस मंगाने की कार्रवाई की जाएगी। मेडिकल दुकानों को संबंधित बैच की बिक्री रोकने का निर्देश भी दिया गया है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में कोल्हान से जब्त दवाओं की कुल मात्रा, जांची गई दुकानों की संख्या या किसी विशेष दुकान पर कार्रवाई का समेकित विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए अभियान शुरू होने को बड़े पैमाने पर बरामदगी हो जाने के रूप में नहीं समझना चाहिए। स्टॉक का विवरण जुटाना और बाजार से संबंधित माल हटाना अलग चरण हैं। आगे की स्थिति विभाग की जांच तथा दुकानदारों से मिलने वाले रिकॉर्ड के आधार पर स्पष्ट होगी।
कॉस्मेटिक उत्पादों को लेकर भी स्थानीय सतर्कता
स्थानीय खबर में कुछ कॉस्मेटिक उत्पादों में निर्धारित सीमा से अधिक पारा पाए जाने की जानकारी भी दी गई है। इसमें चार फेयरनेस क्रीम और एक बॉडी लोशन का उल्लेख है। हालांकि, राष्ट्रीय स्तर पर पुष्ट 330 नमूनों के आंकड़े का वर्णन उपलब्ध केंद्रीय जानकारी में दवा नमूनों के रूप में किया गया है। दोनों विवरणों को मिलाकर उत्पादों की नई कुल संख्या निकालना उचित नहीं होगा। कॉस्मेटिक उत्पाद इस्तेमाल करने वालों को भी नाम, निर्माता और बैच का पूरा विवरण देखकर ही किसी अलर्ट से मिलान करना चाहिए। केवल त्वचा निखारने वाली क्रीम की श्रेणी के आधार पर सभी उत्पादों को असुरक्षित बताना सही नहीं है।
मरीज क्या सावधानी बरतें?
घर में उपलब्ध दवा को लेकर संदेह हो तो उसकी स्ट्रिप, बोतल या डिब्बे पर लिखा नाम, कंपनी, बैच नंबर और समाप्ति तिथि नोट करें। इसे फार्मासिस्ट या उपचार कर रहे चिकित्सक को दिखाकर संबंधित अलर्ट से मिलान कराएं। खरीदी का बिल और पैकेट संभालकर रखने से पहचान आसान होती है। नियमित उपचार ले रहे मरीज केवल खबर का शीर्षक पढ़कर अपनी दवा अचानक बंद न करें। यदि उनका बैच अलर्ट से मेल खाता हो तो डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सुरक्षित विकल्प और आगे के निर्देश तुरंत लें। प्रभावित बैच की जगह कौन-सी दवा या दूसरा बैच लेना है, यह स्वयं तय करने से बचें। राष्ट्रीय नियामक के अनुसार, ऐसे अलर्ट नियमित निगरानी का हिस्सा हैं और राज्य नियामकों के सहयोग से संबंधित उत्पादों की पहचान कर उन्हें बाजार से हटाने का उद्देश्य रखते हैं। कोल्हान में चल रही पड़ताल की अगली महत्वपूर्ण जानकारी संबंधित बैचों की उपलब्धता और उन पर की गई कार्रवाई होगी।
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