झारखंड

पहली बार सरकारी स्तर पर एयर होस्टेस ट्रेनिंग

Saba Naaz
23 July 2026 4:20 PM IST
पहली बार सरकारी स्तर पर एयर होस्टेस ट्रेनिंग
x

रांची। झारखंड में विमानन क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए बड़ी पहल की जा रही है। राज्य में पहली बार सरकारी स्तर पर एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (AME) और एयर होस्टेस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट की ओर से शुरू की जा रही इस पहल का उद्देश्य राज्य और आसपास के क्षेत्रों में विमानन क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित युवाओं की कमी को दूर करना है। इन दोनों पाठ्यक्रमों की शुरुआत नवंबर महीने में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा धनबाद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान की जाएगी।

झारखंड सरकार के निर्देश पर झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट ने विमानन क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में यह कदम उठाया है। इसके लिए इंस्टीट्यूट ने दिल्ली की संस्था मेसर्स वेन्योर के साथ एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग कोर्स के संचालन के लिए समझौता किया है। वहीं एयर होस्टेस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए भोपाल स्थित एआईएसईसीटी लिमिटेड के साथ करार किया गया है।

सरकार का कहना है कि एविएशन सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन देश में प्रशिक्षित विमानन अभियंताओं और केबिन क्रू की मांग लगातार बनी हुई है। ऐसे में झारखंड के युवाओं को इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर देने के लिए यह पहल शुरू की जा रही है। इससे युवाओं को अब विमानन क्षेत्र के कोर्स करने के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

पूर्वी भारत का पहला सरकारी विमानन प्रशिक्षण केंद्र

झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट के माध्यम से शुरू होने वाले ये पाठ्यक्रम पूर्वी भारत में सरकारी स्तर पर अपनी तरह की पहली पहल होंगे। अभी तक पड़ोसी राज्यों में सरकारी स्तर पर एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग और एयर होस्टेस प्रशिक्षण जैसे कोर्स उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में झारखंड इस दिशा में आगे बढ़ने वाला पहला राज्य बनेगा।

धनबाद को इस संस्थान के लिए चुना गया है क्योंकि यहां पहले से ही इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा का मजबूत आधार मौजूद है। इसके अलावा धनबाद में औद्योगिक और तकनीकी माहौल होने के कारण विमानन प्रशिक्षण के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।

एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग कोर्स का संचालन पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर किया जाएगा। इसके लिए निजी संस्था वेन्योर प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करेगी, जबकि झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। सरकार के अनुसार इस व्यवस्था से राज्य सरकार या फ्लाइंग इंस्टीट्यूट पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।

एएमई कोर्स में 60 सीटें उपलब्ध

एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (AME) तीन वर्ष का तकनीकी कोर्स होगा। इसमें कुल 60 सीटें उपलब्ध होंगी। इस कोर्स को पूरा करने के बाद विद्यार्थी विमान के रखरखाव, तकनीकी जांच और सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों में करियर बना सकेंगे।

इस कोर्स की कुल फीस करीब 6 लाख रुपये निर्धारित की गई है। विद्यार्थी इसे तीन वार्षिक किस्तों में जमा कर सकेंगे। प्रत्येक वर्ष 2-2 लाख रुपये शुल्क देना होगा। कोर्स शुरू करने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की अनुमति ली जाएगी।

एयर होस्टेस प्रशिक्षण में भी युवाओं को मौका

एयर होस्टेस बनने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए भी झारखंड में प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध होगी। एयर होस्टेस प्रशिक्षण के लिए छह महीने और 12 महीने के दो अलग-अलग पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।

छह महीने के प्रशिक्षण कोर्स में 60 सीटें होंगी, जबकि 12 महीने के डिप्लोमा कोर्स में भी 60 सीटों का प्रावधान किया गया है। छह महीने के कोर्स की फीस 1,00,500 रुपये निर्धारित की गई है। वहीं एक साल के डिप्लोमा कोर्स के लिए 1,55,500 रुपये शुल्क तय किया गया है।

एयर होस्टेस प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को ड्रेस, ग्रूमिंग किट और स्वीमिंग प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे छात्रों को विमानन क्षेत्र में नौकरी के लिए जरूरी कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी।

पड़ोसी राज्यों के युवाओं को भी मिलेगा लाभ

झारखंड सरकार की इस पहल से केवल राज्य के युवाओं को ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों के विद्यार्थियों को भी फायदा मिलेगा। अभी तक विमानन क्षेत्र के इन कोर्स के लिए युवाओं को दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, जहां रहने और प्रशिक्षण का खर्च काफी अधिक होता था।

धनबाद में सरकारी स्तर पर यह सुविधा मिलने से छात्रों का समय और पैसा दोनों बचेंगे। साथ ही राज्य में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

आवेदन प्रक्रिया शुरू

एयर होस्टेस प्रशिक्षण के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक उम्मीदवार झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट की वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 30 जुलाई निर्धारित की गई है।

राज्य सरकार का मानना है कि विमानन क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण साबित होगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर शुरू की जा रही इस योजना से झारखंड के युवाओं को एक नया करियर विकल्प मिलेगा और राज्य पूर्वी भारत में विमानन शिक्षा के एक नए केंद्र के रूप में उभर सकता है।

Tagsझारखंडझारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूटएविएशन कोर्सएयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंगAME Courseएयर होस्टेस कोर्सझारखंड न्यूजरांची न्यूजधनबाद न्यूजहेमंत सोरेनझारखंड सरकारएविएशन करियरविमानन प्रशिक्षणसरकारी एविएशन कोर्सपूर्वी भारत पहला एविएशन सेंटरDGCAएयर होस्टेस ट्रेनिंगविमानन अभियंतायुवाओं के लिए रोजगारझारखंड शिक्षातकनीकी शिक्षाकरियर अवसरएयरलाइन जॉबकेबिन क्रू ट्रेनिंगPPP मॉडलझारखंड लेटेस्ट न्यूजहिंदी न्यूजसरकारी संस्थानएविएशन सेक्टरधनबाद फ्लाइंग इंस्टीट्यूटरोजगार योजनायुवा अवसरAviation News Indiaजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story