
Jharkhand: लखनऊ में हुए हालिया हादसे के बाद झारखंड के धनबाद जिला प्रशासन ने शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया है। छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने जिले के कोचिंग सेंटरों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में व्यापक सुरक्षा जांच अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत कई संस्थानों का निरीक्षण किया गया और खामियां मिलने पर तीन संस्थानों को नोटिस जारी किया गया है।
यह जांच अभियान एसडीएम लोकेश बारंगी के नेतृत्व में चलाया गया, जिसमें सिटी सेंटर और सरायढेला इलाके के कई कोचिंग सेंटर और शैक्षणिक संस्थान शामिल थे। इस दौरान अग्निशमन विभाग, विद्युत विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम मौजूद रही। टीम ने फायर सेफ्टी, भवन सुरक्षा मानक, बिजली व्यवस्था, आपातकालीन निकासी मार्ग और अन्य सुरक्षा उपायों की बारीकी से जांच की।
निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में सुरक्षा मानकों की कमी पाई गई। कुछ जगहों पर फायर सेफ्टी उपकरणों का अभाव था, तो कहीं आपातकालीन निकासी व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई। इसके बाद प्रशासन ने संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी करते हुए 10 दिनों के भीतर सभी कमियों को दूर करने का निर्देश दिया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय सीमा में सुधार नहीं किया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम लोकेश बारंगी ने बताया कि जांच के दौरान स्टडी अड्डा 24×7, महिंद्रा इंस्टीट्यूट सहित कई अन्य संस्थानों का भी निरीक्षण किया गया। जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई गई है, उन्हें सभी आवश्यक नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और सभी संस्थानों को निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।
जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल कुछ संस्थानों तक सीमित नहीं रहेगा। जिले के सभी कोचिंग सेंटरों और शैक्षणिक संस्थानों की चरणबद्ध तरीके से जांच की जाएगी। इसके लिए विभिन्न विभागों की संयुक्त टीमें लगातार निरीक्षण करेंगी ताकि सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को समय रहते रोका जा सके।
प्रशासन का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह के निरीक्षण से संस्थानों में जवाबदेही और जागरूकता दोनों बढ़ेंगी। अधिकारियों के अनुसार, समय-समय पर होने वाली जांच से न केवल व्यवस्था सुधरेगी बल्कि संभावित हादसों को भी रोका जा सकेगा।
इस कार्रवाई को अभिभावकों और छात्रों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा और भविष्य में किसी भी तरह की दुर्घटना से बचाव सुनिश्चित हो सकेगा।





