
चाईबासा। मझगांव प्लस टू उच्च विद्यालय के छात्रों के बीच हुए विवाद मामले में पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। मामले को गंभीरता से न लेने और समय पर उचित कार्रवाई नहीं करने के आरोप में मझगांव थाना प्रभारी धीरज कुमार यादव को लाइन हाजिर कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमित रेणु ने रविवार को यह कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से थाना प्रभारी को हटाने का आदेश जारी किया।
मझगांव थाना की नई जिम्मेदारी परमेश्वर उरांव को दी गई है। उन्हें नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी विवाद को समय रहते नियंत्रित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
दरअसल, पूरा मामला 14 जुलाई को मझगांव क्षेत्र स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय के छात्रों के बीच हुए एक विवाद से जुड़ा है। शुरुआत में यह मामला छात्रों के बीच मामूली कहासुनी और विवाद का था, लेकिन धीरे-धीरे इसने बड़ा रूप ले लिया। विवाद बढ़ने के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी।
मामले को लेकर कई सामाजिक संगठनों ने सक्रियता दिखाई और प्रशासन से निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी। आदिवासी हो समाज महासभा और मानकी-मुंडा संघ की ओर से भी आपात बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में क्षेत्र की सामाजिक स्थिति और कानून व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई थी।
संगठनों का आरोप था कि मामले को समय पर नियंत्रित नहीं किया गया, जिसके कारण विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। इसके बाद हो समाज युवा महासभा और मानकी-मुंडा संघ के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक अमित रेणु से मुलाकात कर थाना प्रभारी को हटाने और मामले में उचित कार्रवाई की मांग की थी।
वहीं, अंजुमन इस्लामिया के पदाधिकारियों ने भी उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। संगठन ने कहा था कि किसी भी मामूली विवाद को सांप्रदायिक या सामाजिक तनाव का रूप देने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि क्षेत्र में आपसी भाईचारा और शांति बनी रहे।
पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी पर कार्रवाई की। पुलिस प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कार्रवाई के बाद आदिवासी हो समाज महासभा ने पुलिस प्रशासन के कदम का स्वागत किया और एसपी का आभार जताया। संगठन ने मांग की कि मामले की पूरी जांच कर विवाद में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
दूसरी ओर, अंजुमन इस्लामिया ने भी प्रशासन से अपील की है कि क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सभी पक्षों के साथ निष्पक्ष व्यवहार किया जाए। संगठन ने कहा कि छात्रों के बीच हुए विवाद को गलत तरीके से बढ़ावा देने वाले असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जानी चाहिए।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। नए थाना प्रभारी परमेश्वर उरांव के सामने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना और विवाद से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच करना बड़ी चुनौती होगी। प्रशासन की कोशिश है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को समय रहते रोका जा सके और क्षेत्र में आपसी विश्वास कायम रहे।





