
देवघर। सावन की अंतिम सोमवारी के करीब आते ही बाबाधाम में एक बार फिर श्रद्धालुओं की चहल-पहल बढ़ गई है। सावन मेला अब ढलान की ओर पहुंच चुका है, लेकिन अंतिम सोमवारी को लेकर जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। कांवड़ियों की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड में है। तीसरी सोमवारी के बाद कुछ हद तक कांवड़ियों की संख्या कम होने से प्रशासन ने राहत की सांस ली थी, लेकिन चौथी और अंतिम सोमवारी नजदीक आते ही बाबा मंदिर और आसपास के इलाकों में फिर से भीड़ बढ़ने लगी है।
अंतिम सोमवारी को लेकर प्रशासन किसी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम जलार्पण को लेकर विभिन्न स्तरों पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मेला क्षेत्र में तैनात अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों को भीड़ के दबाव के अनुसार व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
तीसरी सोमवारी में पहुंचे थे करीब तीन लाख कांवड़िये
सावन की तीसरी सोमवारी पर बाबाधाम में करीब तीन लाख कांवड़ियों के पहुंचने की उम्मीद जताई गई थी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण मंदिर क्षेत्र और कांवरिया पथ पर काफी चहल-पहल रही। तीसरी सोमवारी के बाद कांवड़ियों की रफ्तार में कुछ कमी आई थी।
भीड़ कम होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को भी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का मौका मिला। हालांकि, अंतिम सोमवारी को लेकर एक बार फिर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही व्यवस्थाओं को मजबूत करना शुरू कर दिया है।
अंतिम सोमवारी को लेकर बढ़ी चहल-पहल
सावन की अंतिम सोमवारी का धार्मिक महत्व काफी अधिक माना जाता है। इस दिन बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलार्पण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबाधाम पहुंचते हैं। यही वजह है कि मेला समाप्ति की ओर बढ़ने के बावजूद अंतिम सोमवारी के पहले कांवरिया पथ और देवघर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई है।
दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले कांवड़िये सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल देवघर पहुंच रहे हैं। रास्ते में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगाए गए सेवा शिविरों और विश्राम स्थलों पर भी चहल-पहल बढ़ गई है। बोल बम के जयघोष से कांवरिया पथ का वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
प्रशासन ने कसी कमर
अंतिम सोमवारी पर संभावित भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारी तेज कर दी है। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। भीड़ बढ़ने की स्थिति में श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की तैयारी की गई है।
मंदिर परिसर और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत रखने पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के बाबा का दर्शन और जलार्पण कर सकें।
भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर
अंतिम सोमवारी के दौरान सबसे बड़ी चुनौती भीड़ प्रबंधन की होगी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के एक साथ पहुंचने से मंदिर क्षेत्र में दबाव बढ़ सकता है। इसे देखते हुए प्रशासन की ओर से कतार व्यवस्था और श्रद्धालुओं के आवागमन पर विशेष नजर रखने की तैयारी है।
अधिकारियों की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को अनावश्यक रूप से लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। साथ ही भीड़ को नियंत्रित तरीके से आगे बढ़ाया जाए, ताकि किसी स्थान पर अत्यधिक दबाव की स्थिति न बने।
स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं पर भी नजर
भीड़ बढ़ने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखने पर जोर दिया जा रहा है। गर्मी, थकान या भीड़ के कारण किसी श्रद्धालु की तबीयत खराब होने की स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
इसके अलावा पेयजल, सफाई, रोशनी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की निगरानी की जा रही है। कांवरिया पथ और मेला क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखना भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है।
मेला समापन की ओर, लेकिन उत्साह बरकरार
सावन मेला अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। पूरे सावन महीने बाबाधाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। जैसे-जैसे मेला समापन की ओर बढ़ रहा है, सामान्य दिनों में भीड़ कम हुई है, लेकिन अंतिम सोमवारी ने फिर से प्रशासन की चुनौती बढ़ा दी है।
श्रद्धालुओं में भी अंतिम सोमवारी को लेकर खास उत्साह देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में कांवड़िये बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित करने के लिए देवघर की ओर बढ़ रहे हैं। मंदिर क्षेत्र में बोल बम के जयघोष और धार्मिक गतिविधियों से माहौल भक्तिमय बना हुआ है।
प्रशासन ने भी स्पष्ट कर दिया है कि अंतिम सोमवारी को लेकर किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। भीड़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी और जरूरत के अनुसार व्यवस्थाओं में बदलाव किया जाएगा।
तीसरी सोमवारी के दौरान भारी संख्या में कांवड़ियों के पहुंचने के बाद मिली राहत के बावजूद अंतिम सोमवारी से पहले फिर बढ़ी भीड़ ने प्रशासन को पूरी तरह सतर्क कर दिया है। अब जिला प्रशासन की कोशिश है कि सावन के अंतिम सोमवार का आयोजन भी शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है।





