
झारखंड : लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितता से जुड़े मामले में सीआईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऋतिक रोशन और पंकज प्रसून के रूप में हुई है। सीआईडी की जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी शिवांगन की पाठशाला कोचिंग सेंटर के संचालक संजीत कुमार के संपर्क में थे और कथित तौर पर उसके लिए एजेंट की भूमिका निभा रहे थे।
जांच एजेंसी के अनुसार, ऋतिक रोशन और पंकज प्रसून ने फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (FRO) की परीक्षा पास की थी। आरोप है कि दोनों ने परीक्षा प्रक्रिया में अनुचित लाभ हासिल किया और बाद में कई अभ्यर्थियों को संजीत कुमार के माध्यम से लाभ पहुंचाने के लिए संपर्क सूत्र का काम किया।
हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
संजीत कुमार के लिए एजेंट के रूप में काम करने का आरोप
सीआईडी की जांच में यह बात सामने आई है कि ऋतिक रोशन और पंकज प्रसून कथित रूप से संजीत कुमार के लिए एजेंट के तौर पर काम करते थे। जांच एजेंसी के मुताबिक, दोनों आरोपी विभिन्न अभ्यर्थियों से संपर्क करते थे और उन्हें परीक्षा में मदद दिलाने का आश्वासन देकर संजीत कुमार से जोड़ते थे।
आरोप है कि इन दोनों के जरिए कई अभ्यर्थियों तक पहुंच बनाई गई थी। सीआईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे और कितने अभ्यर्थियों को कथित रूप से फायदा पहुंचाया गया।
एफआरओ परीक्षा पास करने वालों पर जांच
जांच के दौरान सीआईडी को जानकारी मिली कि ऋतिक रोशन और पंकज प्रसून ने फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर की परीक्षा पास की थी। इसके बाद दोनों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर जांच का दायरा बढ़ाया गया।
सीआईडी यह जांच कर रही है कि परीक्षा में सफलता हासिल करने के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी हुई थी या नहीं। इसके अलावा दोनों आरोपियों के संपर्कों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
जमशेदपुर और रांची से जुड़े हैं आरोपी
सीआईडी के अनुसार, ऋतिक रोशन जमशेदपुर के उलीडीह इलाके का रहने वाला है, जबकि पंकज प्रसून रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र स्थित शिवभवन कमलाकांत रोड का निवासी है।
जांच में यह भी सामने आया है कि पंकज प्रसून और संजीत कुमार पड़ोसी हैं। दोनों के बीच पहले से परिचय होने की बात सामने आई है। सीआईडी अब इसी संबंध और कथित नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
कोचिंग सेंटर संचालक की भूमिका की जांच
मामले में शिवांगन की पाठशाला कोचिंग सेंटर के संचालक संजीत कुमार की भूमिका भी जांच के दायरे में है। सीआईडी पहले से ही इस मामले में कई पहलुओं की जांच कर रही है।
जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या कोचिंग सेंटर के माध्यम से अभ्यर्थियों से संपर्क किया जाता था और क्या किसी तरह की अनुचित मदद उपलब्ध कराई गई।
अभ्यर्थियों से संपर्क का लगाया गया आरोप
सीआईडी के अनुसार, ऋतिक और पंकज कई अभ्यर्थियों से संपर्क करते थे। आरोप है कि वे उन्हें संजीत कुमार के माध्यम से परीक्षा में लाभ दिलाने की बात कहते थे।
जांच एजेंसी अब उन अभ्यर्थियों की जानकारी जुटा रही है, जिनसे दोनों आरोपियों का संपर्क हुआ था। इसके साथ ही मोबाइल रिकॉर्ड, बातचीत और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा सकती है।
आगे की जांच जारी
सीआईडी ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसी का उद्देश्य पूरे नेटवर्क का पता लगाना और परीक्षा अनियमितता से जुड़े सभी लोगों तक पहुंचना है।
परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियां आमतौर पर दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन के आधार पर कार्रवाई करती हैं। इस मामले में भी आगे और लोगों के नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल सीआईडी की जांच जारी है और आने वाले दिनों में मामले में और खुलासे होने की उम्मीद है।





