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Jharkhand झारखंड: बोकारो जिले की लुगूबुरू पहाड़ी और उसकी तराई में संथाल सरना आदिवासियों के 25वें अंतरराष्ट्रीय धार्मिक सम्मेलन में बुधवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। 3 नवंबर से शुरू हुए इस सम्मेलन और उत्सव में भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा नेपाल और भूटान से तीन लाख से भी अधिक सरना आदिवासियों की भागीदारी रही। सम्मेलन के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यह महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपरा के प्रति अटूट आस्था और श्रद्धा का परिचायक है।
उन्होंने कहा, ''हमारी परंपराएं हमें अपनी जड़ों से जोड़ती हैं। जितनी गहराई से हम इन्हें समझेंगे, उतना ही बेहतर समाज का निर्माण कर सकेंगे। यह पहाड़ी संथाल सरना आदिवासियों के लिए सबसे बड़ा धार्मिक तीर्थस्थल है और इसे लुगूबुरु घांटाबाड़ी धोरोम गाढ़ के नाम से जाना जाता है। मुख्यमंत्री ने यहां अपनी धर्मपत्नी और विधायक कल्पना सोरेन के साथ पारंपरिक विधि-विधान से संथालियों के आदि पुरुष लुगू बाबा की पूजा-अर्चना की और राज्यवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
सोरेन ने कहा कि लुगूबुरु संथाल समाज का वह पवित्र स्थल है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सरकार इस तीर्थस्थल की व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बना रही है ताकि श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि लुगूबुरु जल्द ही विश्व के धार्मिक मानचित्र पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगा। हमारे पूर्वजों ने सामाजिक व्यवस्था को व्यवस्थित करने की जो नींव रखी थी, हम उसका अनुसरण करते आ रहे हैं। अबुआ समाज, संस्कृति, परंपरा और रीति-रिवाज को संरक्षित और समृद्ध करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सभी से आगे आने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी का लुगूबुरु से गहरा लगाव था। उनकी याद में यहां टेराकोटा शैली में निर्मित प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति को शिबू सोरेन की प्रतिमूर्ति सौंपी। उन्होंने कहा कि धर्म हमें सामाजिक एकता और मजबूती प्रदान करता है। देश में विभिन्न धर्मों के लोग रहते हैं, फिर भी सभी एक-दूसरे की परंपराओं का सम्मान करते हैं। यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
इस अवसर पर मंत्री चमरा लिंडा, मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो, विधायक उमाकांत रजक, आईजी (कोयला प्रक्षेत्र) सुनील भास्कर, क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक आर. टी. पंडियान, टीटीपीएस महाप्रबंधक अनिल कुमार शर्मा, उपायुक्त अजय नाथ झा, पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह, आयोजन समिति के अध्यक्ष बबुली सोरेन, सचिव लोबिन मुर्मू समेत हजारों श्रद्धालु मौजूद थे।
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