
Jharkhnad: गुमला जिले के जारी प्रखंड के सीकरी पंचायत अंतर्गत पगुरा गांव में एक गरीब मजदूर परिवार पिछले डेढ़ साल से जर्जर हो चुके प्राथमिक विद्यालय भवन में रहने को मजबूर है। स्थायी आवास नहीं मिलने और आर्थिक तंगी के कारण परिवार हर दिन खतरे के बीच जीवन बिता रहा है। भवन की हालत इतनी खराब है कि दीवारों में बड़ी दरारें हैं, छत से प्लास्टर गिरता रहता है और बारिश के समय पानी टपकता रहता है।
जानकारी के अनुसार, राजेश सिंह वर्ष 2024 में अपनी पत्नी प्रभा देवी और तीन छोटे बच्चों के साथ मजदूरी के लिए दूसरे राज्य गए थे। करीब आठ महीने बाद जब वे लौटे तो उनका कच्चा मकान पूरी तरह से गिर चुका था। इसके बाद आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण नया घर बनाना संभव नहीं हो सका और परिवार ने बंद पड़े स्कूल भवन को ही अपना आश्रय बना लिया। राजेश सिंह रोजाना दिहाड़ी मजदूरी करते हैं और लगभग 250 से 300 रुपये प्रतिदिन कमाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। वहीं, उनकी पत्नी प्रभा देवी का कहना है कि उन्होंने कई बार पंचायत स्तर पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर की मांग की, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है।
स्थानीय ग्रामीण वीरेंद्र दास ने भी प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर परिवार को आवास उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जर्जर भवन में बच्चों सहित परिवार का रहना बेहद जोखिम भरा है और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। इस मामले पर जारी प्रखंड के बीडीओ रविकांत शर्मा ने कहा कि उन्हें हाल ही में पदस्थापन मिला है और यह मामला उनके संज्ञान में नहीं था। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच कर पीड़ित परिवार को जल्द आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। परिवार अब भी स्थायी आवास की उम्मीद में प्रशासन की ओर देख रहा है।





