झारखंड

डायन के शक में 85 वर्षीय महिला की पीट-पीटकर हत्या, बेटी भी घायल

Kavita2
5 Sept 2026 5:48 PM IST
डायन के शक में 85 वर्षीय महिला की पीट-पीटकर हत्या, बेटी भी घायल
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दुमका। तालझारी थाना क्षेत्र के नेमानीपाथर गांव में अंधविश्वास से जुड़ी एक गंभीर घटना सामने आई है। शुक्रवार रात कथित तौर पर डायन होने के शक में गांव की कुछ महिलाओं ने 85 वर्षीय ढेंगी मुर्मू और उनकी बेटी सुरजमनी हांसदा पर घर में घुसकर हमला कर दिया। लाठियों से की गई पिटाई में बुजुर्ग महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी बेटी घायल हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह महिलाओं और एक किशोरी को हिरासत में लिया है।

पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई करते हुए छह आरोपी महिलाओं को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया है, जबकि किशोरी के खिलाफ किशोर न्याय कानून के तहत कार्रवाई की गई है। घटना के बाद गांव में तनाव और भय का माहौल है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हमले से पहले आरोपियों और पीड़ित परिवार के बीच किसी तरह का विवाद हुआ था या नहीं।

रात में घर में घुसकर किया हमला

जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात ढेंगी मुर्मू अपनी बेटी सुरजमनी हांसदा के साथ घर पर थीं। इसी दौरान गांव की करीब आधा दर्जन महिलाएं वहां पहुंचीं। आरोप है कि महिलाओं ने ढेंगी मुर्मू पर कथित तौर पर डायन होने का आरोप लगाया और विवाद के बाद हमला कर दिया।

आरोपियों ने लाठियों से बुजुर्ग महिला और उनकी बेटी की पिटाई की। 85 वर्षीय ढेंगी मुर्मू उम्रदराज होने के कारण गंभीर चोटों को सहन नहीं कर सकीं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मां को बचाने की कोशिश में बेटी सुरजमनी भी घायल हो गईं।

घटना की जानकारी गांव में फैलते ही सनसनी मच गई। मामले की सूचना पुलिस तक पहुंची, जिसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।

बेटी भी हमले में घायल

हमले में सुरजमनी हांसदा को भी चोटें आईं। उन्हें उपचार उपलब्ध कराया गया। इलाज के बाद चिकित्सकीय सलाह पर वह घर पर आराम कर रही हैं। पुलिस उनसे घटना के संबंध में जानकारी लेकर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

सुरजमनी इस घटना की महत्वपूर्ण प्रत्यक्षदर्शी भी हैं। ऐसे में उनका बयान पुलिस जांच में अहम हो सकता है। घटना के समय कौन-कौन मौजूद था, हमला कैसे शुरू हुआ और इसके पीछे तत्काल कारण क्या था, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

छह महिलाएं हिरासत में

मामले की गंभीरता को देखते हुए तालझारी थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। हत्या में कथित रूप से शामिल छह महिलाओं और एक किशोरी को हिरासत में लिया गया।

पुलिस ने वयस्क आरोपी महिलाओं के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया। वहीं किशोरी के मामले में किशोर न्याय से जुड़े कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की गई है।

पुलिस यह भी पता लगा रही है कि घटना अचानक हुई या इसके पीछे पहले से कोई विवाद अथवा योजना थी। आरोपियों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

अंधविश्वास बना बुजुर्ग की मौत की वजह

प्रारंभिक जानकारी में हत्या के पीछे डायन होने का शक प्रमुख कारण बताया गया है। यदि जांच में इसकी पुष्टि होती है तो यह घटना समाज में मौजूद अंधविश्वास के गंभीर परिणामों का एक और उदाहरण होगी।

किसी महिला को बीमारी, मौत, आर्थिक परेशानी या दूसरी घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराकर उस पर ‘डायन’ होने का आरोप लगाना न केवल अंधविश्वास है बल्कि ऐसे आरोप कई बार हिंसा और सामाजिक उत्पीड़न में बदल जाते हैं।

इस तरह के मामलों में खास तौर पर बुजुर्ग, अकेली और सामाजिक रूप से कमजोर महिलाओं को निशाना बनाए जाने का खतरा रहता है। इसलिए प्रशासनिक कार्रवाई के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

गांव में घटना से सनसनी

85 वर्षीय महिला की हत्या की खबर के बाद नेमानीपाथर गांव में सनसनी फैल गई। एक बुजुर्ग महिला की उसके ही घर में कथित तौर पर अंधविश्वास के कारण हत्या ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है।

घटना के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई से सात संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पुलिस गांव की स्थिति पर भी नजर रख रही है, ताकि मामले को लेकर किसी तरह का नया विवाद या तनाव पैदा न हो।

पीड़ित परिवार से जुड़े लोगों और अन्य ग्रामीणों से भी जानकारी ली जा सकती है। इससे पुलिस को घटना से पहले की परिस्थितियों और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करने में मदद मिलेगी।

साक्ष्य जुटाने में लगी पुलिस

पुलिस अब घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, गवाहों के बयान और घायल महिला की जानकारी के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। हत्या में इस्तेमाल की गई लाठियों या अन्य वस्तुओं की बरामदगी और फोरेंसिक साक्ष्य भी जांच का हिस्सा हो सकते हैं।

बुजुर्ग महिला के शव से संबंधित आवश्यक कानूनी और चिकित्सकीय प्रक्रिया के जरिए मौत के कारण और चोटों की प्रकृति को भी रिकॉर्ड किया जाएगा। इन साक्ष्यों को आगे न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण माना जाएगा।

अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता जरूरी

इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में अंधविश्वास और डायन प्रथा के खिलाफ व्यापक जागरूकता की आवश्यकता को सामने रखा है। किसी बीमारी या व्यक्तिगत समस्या को जादू-टोने से जोड़कर किसी व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराना गंभीर हिंसा का कारण बन सकता है।

ऐसे आरोपों की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों को स्वयं फैसला करने या हिंसा का रास्ता अपनाने के बजाय पुलिस और प्रशासन से संपर्क करना चाहिए। सामाजिक संगठनों और स्थानीय प्रशासन के माध्यम से भी लोगों को वैज्ञानिक सोच और कानून के प्रति जागरूक करना जरूरी है।

फिलहाल तालझारी थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है। छह महिलाओं के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और किशोरी का मामला किशोर न्याय प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया गया है। जांच पूरी होने के बाद घटना में प्रत्येक आरोपी की भूमिका और हत्या के पीछे की परिस्थितियां अधिक स्पष्ट हो सकेंगी।

85 वर्षीय ढेंगी मुर्मू की मौत ने एक बार फिर दिखाया है कि अंधविश्वास जब हिंसा का रूप लेता है तो उसके परिणाम कितने भयावह हो सकते हैं। इस घटना में एक परिवार ने बुजुर्ग सदस्य को खो दिया, जबकि उनकी बेटी भी हमले में घायल हुई है।

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