झारखंड

पिकअप में छिपाकर ले जाई जा रही 841 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार

Kavita2
6 Oct 2026 3:04 PM IST
पिकअप में छिपाकर ले जाई जा रही 841 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार
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नबीनगर (औरंगाबाद)। एनटीपीसी खैरा थाना पुलिस ने शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बड़की सलैया नहर रोड से अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप पकड़ी है। पुलिस ने एक पिकअप वाहन को जब्त करते हुए उसमें सवार दो तस्करों को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान वाहन में छिपाकर रखी गई 4080 बोतलों में करीब 841 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की गई। बरामद शराब की बाजार कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है।

पुलिस के अनुसार, शराब की खेप को बेहद सुनियोजित तरीके से पिकअप वाहन में छिपाकर ले जाया जा रहा था। तस्करों ने वाहन के अंदर सेट्रिंग के नीचे शराब की बोतलें रखी थीं, ताकि सामान्य जांच में किसी को शक न हो। हालांकि पुलिस की सतर्कता के कारण वाहन को रोका गया और तलाशी के दौरान पूरी खेप का खुलासा हो गया।

बताया जा रहा है कि पुलिस को शराब तस्करी से जुड़ी गतिविधि के बारे में सूचना मिली थी। इसके बाद एनटीपीसी खैरा थाना पुलिस ने बड़की सलैया नहर रोड पर निगरानी बढ़ाई। इसी दौरान संदिग्ध पिकअप वाहन दिखाई दिया। पुलिस टीम ने वाहन को रोककर उसमें बैठे दोनों लोगों से पूछताछ की।

पूछताछ के दौरान उनके जवाब संदिग्ध लगे, जिसके बाद पुलिस ने पिकअप की गहन तलाशी ली। शुरुआत में वाहन सामान्य मालवाहक की तरह दिखाई दे रहा था, लेकिन अंदर जांच करने पर सेट्रिंग के नीचे शराब की बड़ी मात्रा छिपी मिली।

पुलिस ने जब बोतलों की गिनती की तो कुल 4080 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद हुई। इन बोतलों में करीब 841 लीटर शराब थी। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इसकी बाजार कीमत लगभग 10 लाख रुपये है।

पुलिस ने वाहन और शराब को जब्त कर लिया तथा दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाने ले गई। उनसे पूछताछ की जा रही है कि शराब कहां से लाई गई थी और किस स्थान पर पहुंचाई जानी थी।

जांच का फोकस अब इस बात पर है कि गिरफ्तार दोनों आरोपी खुद इस तस्करी नेटवर्क के मुख्य सदस्य हैं या केवल वाहन के जरिए खेप पहुंचाने का काम कर रहे थे। पुलिस उनके मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य संपर्कों की जांच कर सकती है।

इससे यह पता लगाने की कोशिश होगी कि शराब की आपूर्ति करने वाले और इसे मंगाने वाले लोग कौन हैं। यदि नेटवर्क बड़ा पाया जाता है तो आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

शराब की इतनी बड़ी खेप पकड़े जाने से यह भी संकेत मिलता है कि तस्करी लंबे समय से संगठित तरीके से की जा रही हो सकती है। तस्करों ने शराब को छिपाने के लिए वाहन में विशेष व्यवस्था कर रखी थी, जिससे आशंका है कि इस तरह की खेप पहले भी एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाई गई हो सकती है।

पुलिस अब पिकअप वाहन के दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। वाहन किसके नाम पर पंजीकृत है, उसका मालिक गिरफ्तार आरोपियों में से कोई है या कोई तीसरा व्यक्ति, इस बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि वाहन का इस्तेमाल इससे पहले किसी अन्य अवैध गतिविधि में तो नहीं हुआ था। यदि ऐसा कोई रिकॉर्ड मिलता है तो मामले में नई धाराएं और आरोपी भी जुड़ सकते हैं।

शराब तस्करी के मामलों में अक्सर मुख्य कारोबारी पर्दे के पीछे रहते हैं और माल पहुंचाने के लिए ड्राइवर या कैरियर का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए पुलिस केवल गिरफ्तार दोनों आरोपियों तक जांच सीमित नहीं रख रही है।

पूछताछ के आधार पर संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी की जा सकती है। पुलिस उन लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है, जो शराब की खेप की खरीद, भंडारण और वितरण से जुड़े हो सकते हैं।

करीब 841 लीटर शराब की बरामदगी क्षेत्र में हाल के समय की बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। बड़ी मात्रा में शराब पकड़े जाने से अवैध कारोबारियों में भी हड़कंप मचा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शराब तस्करी रोकने के लिए सीमावर्ती रास्तों, नहर रोड और ग्रामीण संपर्क मार्गों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। तस्कर अक्सर मुख्य रास्तों से बचकर ऐसे मार्गों का इस्तेमाल करते हैं, जहां पुलिस की आवाजाही कम होती है।

बड़की सलैया नहर रोड पर हुई यह कार्रवाई इसी सतर्कता का नतीजा मानी जा रही है। पुलिस ने सूचना मिलने के बाद घेराबंदी कर वाहन को पकड़ा और शराब की बड़ी खेप बरामद कर ली।

अब यह जांच भी की जा रही है कि बरामद शराब वैध स्रोत से खरीदी गई थी या इसे अवैध तरीके से तैयार या सप्लाई किया गया था। बोतलों पर लगे लेबल, बैच नंबर और अन्य विवरण की जांच से इसके स्रोत तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। यदि उनके खिलाफ पहले से शराब तस्करी या अन्य मामलों में केस दर्ज हैं तो उन रिकॉर्ड को भी मौजूदा जांच में शामिल किया जाएगा।

फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और शराब की पूरी खेप पुलिस की जब्ती में है। आगे की जांच से यह साफ होगा कि इस तस्करी के पीछे कितने लोग शामिल हैं और इसका नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है।

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