झारखंड

रामगढ़ फैक्ट्री ब्लास्ट में 3 इंजीनियरों की मौत

nidhi
22 Aug 2026 9:40 AM IST
रामगढ़ फैक्ट्री ब्लास्ट में 3 इंजीनियरों की मौत
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रामगढ़ विस्फोट में तीन मौतों से मचा हड़कंप

रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले के हेहल स्थित मां छिन्नमस्तिका सीमेंट एंड इस्पात फैक्ट्री में हुए भीषण हादसे में तीन इंजीनियरों की मौत हो गई, जबकि एक इंजीनियर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा फैक्ट्री के पावर प्लांट में टरबाइन ब्लास्ट के कारण हुआ। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

यह हादसा देर रात करीब 11 बजे हुआ। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पावर प्लांट के कंट्रोल रूम में ओवरहीटिंग के बाद सिस्टम में खराबी आई और इसी दौरान टरबाइन में जोरदार विस्फोट हो गया। ब्लास्ट की चपेट में आने से ड्यूटी पर तैनात इंजीनियरों की मौत हो गई।
तीन इंजीनियरों की दर्दनाक मौत
हादसे में विनीत महतो, संजीव केसरी और अभिषेक पांडेय की मौत होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, तरुण रवानी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जिनका इलाज रांची के अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। फैक्ट्री कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने हादसे पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के लिए मदद और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप
फैक्ट्री कर्मचारियों ने प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि कंट्रोल रूम में लंबे समय से तापमान बढ़ने की समस्या थी और एसी खराब होने की जानकारी प्रबंधन को दी गई थी। आरोप है कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया।
कर्मचारियों के मुताबिक, अत्यधिक गर्मी के कारण पावर प्लांट के सिस्टम पर असर पड़ा और सुरक्षा उपकरण भी सही तरीके से काम नहीं कर पाए। हालांकि, हादसे की असली वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
जांच में जुटी पुलिस और प्रशासन
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। हादसे के तकनीकी कारणों की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों, उपकरणों की स्थिति और प्रबंधन की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या फैक्ट्री में सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था और कर्मचारियों की ओर से दी गई शिकायतों पर कार्रवाई हुई थी या नहीं।
कर्मचारियों ने की कार्रवाई की मांग
हादसे के बाद फैक्ट्री कर्मचारियों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि अगर समय रहते तकनीकी खराबियों को दूर कर दिया जाता तो इस बड़े हादसे को टाला जा सकता था। कर्मचारियों ने मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने, घायल इंजीनियर के बेहतर इलाज और फैक्ट्री प्रबंधन की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार हो रहे हादसों के बीच रामगढ़ की यह घटना एक बार फिर सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि फैक्ट्रियों में नियमित जांच, उपकरणों का रखरखाव और कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है। फिलहाल पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञों की जांच के बाद ही हादसे की पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।
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