
जमशेदपुर न्यूज़: जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति ने एक बार फिर शहर में सिटी बसें चलाने की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है. इस बार लगभग 100 हाइब्रिड बसें चलाने की योजना है. इसे संचालित करने के लिए सीएनजी और इलेक्ट्रिकल सुविधा भी होगी.
क्रेडिबल मैनेजमेंट ने सिटी बस चलाने के लिए सर्वे पूरा कर डिटेल्स प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली है. इस महीने में डीपीआर सरकार को भेज दी जाएगी. क्रेडिबल मैनेजमेंट ने शहर के हर कोने का सर्वे किया है, जहां से पैसेंजर विभिन्न इलाकों में आवाजाही करते हैं. सर्वे में बताया गया कि शहर में बस चलाने के बजाय शहर और आसपास के इलाकों को भी जोड़ना होगा, तभी बसों को पर्याप्त संख्या में यात्री मिलेंगे. रिपोर्ट में कहा गया कि पटमदा, हाता, कांड्रा, गोविंदपुर इलाकों को भी जोड़ना होगा, तभी संचालन सही ढंग से हो पाएगा और जाम की समस्या भी नहीं होगी. पहले संचालित होने वाली सिटी बसों के बारे में भी अध्ययन किया गया. फिर रूट भी तय है. सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर सर्वे किया गया है.
हर तरह से तैयारी करने के बाद सिटी बसों का संचालन करने की तैयारी की गई है, ताकि पहले ही तरह गलती न हो. इस बार बेहतर तरीके से संचालन किया जाएगा. डीपीआर तैयार हो गया है, बस भेजने की तैयारी है.
-संजय कुमार, विशेष पदाधिकारी, जेएनएसी
● बसों के रूट, पैसेंजर की संख्या और ठहराव स्थल जैसे बिंदुओं पर सहमति
● शहर से सटे ग्रामीण इलाकों के लोगों को मिलेगी राहत लंबे समय से रही है मांग
2010 में 4.5 करोड़ में खरीदी गई थीं 50 बसें
जेएनएनयूआरएम (जवाहरलाल नेहरू अर्बन पुनरोत्थान मिशन) के तहत जमशेदपुर अक्षेस को 50 बसें लगभग साढ़े चार करोड़ में खरीदी गई थी, जिसे जमशेदपुर अक्षेस नहीं चला पाई. इसके बाद बस चलाने की जिम्मेदारी झारखंड पर्यटन विकास निगम को दी गई. निगम ने दो साल तक बसों को चलाया. लेकिन बाद में अधिकांश बसें खराब हो गईं, जो डिपो में जर्जर हो गईं.





