जम्मू और कश्मीर

ड्रग तस्करों और नार्को-टेररिज्म की कड़ी, Zorawar का गंभीर दावा

Ratna Netam
23 April 2026 5:46 PM IST
ड्रग तस्करों और नार्को-टेररिज्म की कड़ी, Zorawar का गंभीर दावा
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JAMMU.जम्मू: सुरक्षा विशेषज्ञ जोरावर ने कहा है कि देश में सक्रिय ड्रग तस्करों को केवल अपराधी नहीं बल्कि पाकिस्तान प्रायोजित नार्को-टेररिज्म (Narcoterrorism) के OGWs (ऑवर ग्राउंड वर्कर्स) के रूप में देखा जाना चाहिए। उनका मानना है कि ड्रग तस्करी केवल मुनाफे का साधन नहीं है, बल्कि इससे देश की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न होता है।
जोरावर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियां ड्रग तस्करी के जरिए भारत में सामाजिक और राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने बताया कि ड्रग तस्कर स्थानीय माफिया और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े हैं, जो न सिर्फ अवैध मादक पदार्थ बेचते हैं बल्कि इसके माध्यम से वित्तीय और आतंकवाद संबंधी गतिविधियों को भी बढ़ावा देते हैं।
विशेषज्ञ ने चेतावनी दी कि यदि ड्रग तस्करों को केवल स्थानीय अपराधियों के रूप में देखा गया, तो इससे न केवल कानून-व्यवस्था की चुनौतियों को कम आंकना होगा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी गंभीर असर पड़ेगा। जोरावर ने अधिकारियों से आग्रह किया कि ड्रग तस्करों की पहचान और उन्हें OGWs के तौर पर चिन्हित कर उनकी संपत्ति और नेटवर्क पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
जोरावर ने कहा कि नार्को-टेररिज्म का उद्देश्य युवाओं को नशे की लत में फंसाना और समाज में अव्यवस्था फैलाना है। यह एक ऐसी रणनीति है जो सीधे तौर पर देश की सुरक्षा और सामाजिक ढांचे को प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क ड्रग तस्करी के जरिए भारत में आंतरिक तनाव और अस्थिरता पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने अधिकारियों को सुझाव दिया कि ड्रग तस्करों और उनके नेटवर्क की संपूर्ण जानकारी साझा की जाए और साथ ही समाज में जागरूकता अभियान चलाए जाएं। इससे युवा वर्ग को नशे और ड्रग तस्करी के खतरे से अवगत कराया जा सके और इस नेटवर्क को कमजोर किया जा सके।
जोरावर ने यह भी कहा कि ड्रग तस्करों के खिलाफ सख्त कानून और अंतर-राज्यीय सहयोग आवश्यक है। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस प्रशासन को मिलकर रणनीति बनाने का सुझाव दिया, ताकि न केवल ड्रग तस्करों की गिरफ्तारी हो बल्कि उनके नेटवर्क और फंडिंग स्रोत भी नष्ट किए जा सकें।
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