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जम्मू और कश्मीर
ब्रह्मपुत्र मेल में पकड़ा गया युवक, विदेशी नोट और बांग्लादेशी पहचान पत्र बरामद
nidhi
12 Oct 2026 8:51 AM IST

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श्रीनगर में 3 हजार बांग्लादेशियों का दावा
साहिबगंज : झारखंड के साहिबगंज में ब्रह्मपुत्र मेल से पकड़े गए एक बांग्लादेशी नागरिक के मामले ने सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान खींचा है। पूछताछ में युवक ने श्रीनगर में बांग्लादेशी नागरिकों के रहने को लेकर जानकारी दी है। हालांकि, श्रीनगर में 3 हजार बांग्लादेशियों के छिपे होने का दावा आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, गिरफ्तार युवक ने बताया कि वह श्रीनगर में कबाड़ का काम करता था और उसके साथ अन्य बांग्लादेशी नागरिक भी रहते थे।
ट्रेन में कैसे पकड़ा गया सुमन मियां?
रिपोर्टों के मुताबिक, 26 वर्षीय सुमन मियां को 8 अक्टूबर की रात साहिबगंज के पास ब्रह्मपुत्र मेल में पकड़ा गया। बताया गया कि वह अपने चार साथियों के साथ यात्रा कर रहा था। ट्रेन में चेन पुलिंग के बाद आरपीएफ की टीम जांच के लिए पहुंची। इस दौरान उसके तीन साथी भाग गए, जबकि सुमन मियां को पकड़ लिया गया।
तलाशी के दौरान उसके पास से बांग्लादेश का पहचान पत्र, मोबाइल फोन और भारतीय मुद्रा के साथ नेपाली तथा पाकिस्तानी नोट मिलने की जानकारी सामने आई। इन बरामद वस्तुओं के आधार पर मामले की जांच का दायरा बढ़ाया गया। हालांकि, विदेशी मुद्रा मिलने भर से किसी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ाव साबित नहीं होता। इस संबंध में जांच एजेंसियों की ओर से आधिकारिक निष्कर्ष सामने आना जरूरी है।
पूछताछ में श्रीनगर में रहने की बात
रिपोर्ट के अनुसार, पूछताछ के दौरान सुमन मियां ने बताया कि वह बांग्लादेश से भारत आने के बाद असम, गुवाहाटी और दिल्ली होते हुए श्रीनगर पहुंचा था। वहां वह कबाड़ के कारोबार से जुड़े एक व्यक्ति के संपर्क में आया और काम करने लगा। उसने यह भी बताया कि वह 19 अन्य लोगों के साथ श्रीनगर में रह रहा था। यही बयान अब इस मामले का अहम हिस्सा बन गया है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में सुमन के साथ रहने वाले 19 लोगों का उल्लेख है, जबकि श्रीनगर में 3 हजार बांग्लादेशियों के छिपे होने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली है। इसलिए दोनों आंकड़ों को एक जैसा मानना सही नहीं होगा।
कश्मीर में पहले भी हुई कार्रवाई
जम्मू-कश्मीर में कथित रूप से अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान और सत्यापन को लेकर पहले भी कार्रवाई की खबरें आई हैं। 5 अक्टूबर 2026 को करीब 150 बांग्लादेशी नागरिकों को श्रीनगर से विशेष विमान के जरिए पश्चिम बंगाल के बागडोगरा ले जाया गया था। इसके बाद उन्हें प्रत्यावर्तन की प्रक्रिया के तहत आगे भेजे जाने की जानकारी दी गई। एक अन्य रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि कश्मीर घाटी में किए गए सर्वे के दौरान लगभग 600 बांग्लादेशी नागरिक कथित रूप से अवैध तरीके से रह रहे पाए गए थे। यह आंकड़ा भी 3 हजार के दावे से अलग है।
जांच में क्या सामने आना बाकी?
साहिबगंज में पकड़े गए युवक के मामले में मुख्य सवाल उसके भारत आने के रास्ते, श्रीनगर में रहने के दौरान संपर्कों और उसके साथ यात्रा कर रहे लोगों की पहचान से जुड़े हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, उसके तीन साथी ट्रेन से भाग गए थे और उनकी तलाश की जा रही थी। मामले में खुफिया एजेंसियों की पूछताछ का भी उल्लेख है। फिलहाल, श्रीनगर में 3 हजार बांग्लादेशियों के छिपे होने का दावा पुष्ट तथ्य के रूप में सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने और संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस मामले में कितने लोग शामिल हैं और उनका आपस में क्या संबंध है।
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