जम्मू और कश्मीर

महिला आरक्षण और राजनीतिक बाधाएं, नम्रता ने BJP पर निशाना साधा

Ratna Netam
20 April 2026 4:17 PM IST
महिला आरक्षण और राजनीतिक बाधाएं, नम्रता ने BJP पर निशाना साधा
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Jammu.जम्मू: समाजिक कार्यकर्ता और महिला अधिकारों की समर्थक नम्रता ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी महिला आरक्षण को डिलिमिटेशन के बहाने फंसा कर उसकी कार्यान्वयन में देरी कर रही है। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है, बल्कि यह समान अवसर और राजनीति में उनकी भागीदारी को बाधित करता है।
नम्रता ने यह भी कहा कि महिला आरक्षण संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए एक संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीति ने इसे केवल राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बना दिया है, जिससे वास्तविक लाभार्थी, यानी महिलाएं, इसके अधिकार से वंचित रह गई हैं।
उन्होंने बताया कि महिला आरक्षण के कानून को लागू करने के लिए संसद ने कई बार कदम उठाए हैं, लेकिन डिलिमिटेशन और सीटों के बंटवारे को लेकर भाजपा ने राजनीतिक कारणों से इसे रोक रखा है। नम्रता ने कहा कि यह केवल एक कानूनी या प्रशासनिक मुद्दा नहीं है, बल्कि महिला अधिकारों और लोकतंत्र की मूल भावना से जुड़ा हुआ मामला है।
नम्रता ने कहा, “महिलाओं को राजनीति में सक्रिय और निर्णायक भूमिका निभाने का अधिकार है। जब तक महिला आरक्षण का कार्यान्वयन नहीं होगा, लोकतंत्र में समानता और समावेशिता की बात केवल शब्दों तक सीमित रहेगी। भाजपा को इस मुद्दे पर स्पष्ट नीति अपनानी चाहिए।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण केवल महिलाओं के लिए अवसर नहीं बढ़ाता, बल्कि यह समाज और सरकार की निर्णय प्रक्रिया में विविधता और संतुलन लाने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा इसे डिलिमिटेशन से जोड़ा जाना महिलाओं की स्वतंत्रता और अधिकारों के खिलाफ है।
नम्रता ने जनता और अन्य राजनीतिक दलों से भी अपील की कि वे इस मुद्दे पर सक्रियता और समर्थन दिखाएं ताकि महिला आरक्षण जल्द लागू हो सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल कानून या सीटों की संख्या का मामला नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण और लोकतंत्र में उनकी भागीदारी का सवाल है।
समाजिक कार्यकर्ताओं और महिलाओं की ओर से भी इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि महिला आरक्षण को लागू करना राजनीति में महिलाओं की भागीदारी और समाज में समानता के लिए एक ऐतिहासिक कदम होगा।
इस प्रकार, नम्रता की टिप्पणी महिला आरक्षण और डिलिमिटेशन के बीच राजनीतिक खींचतान पर नई बहस को जन्म दे रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला अधिकारों को राजनीति का बंधक नहीं बनने दिया जा सकता और इसे शीघ्र लागू किया जाना चाहिए।
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