जम्मू और कश्मीर

महिला कर्मचारी बर्खास्त, टी-20 में भारत की हार का मनाया था जश्न

Kunti
28 Oct 2021 3:28 PM GMT
महिला कर्मचारी बर्खास्त, टी-20 में भारत की हार का मनाया था जश्न
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सरकारी कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त

जम्मू संभाग के राजोरी जिले में एक सरकारी कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। टी -20 विश्व कप मैच में पाकिस्तान के खिलाफ भारत की हार का जश्न मनाने के आरोप में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, राजोरी में ओटी तकनीशियन साफिया मजीद की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं.

उधर, पाकिस्तानी टीम की जीत का श्रीनगर में जश्न मनाने वाले मेडिकल छात्रों का विरोध करने वाली छात्रा अनन्या जमवाल को जान से मारने की धमकी मिलने लगी है। कश्मीर पुलिस ने जीत का जश्न मामले के मामले में शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (स्किम्स) और गवर्नमेंट कॉलेज (जीएमसी) के छात्रों के खिलाफ यूएपीए व आईपीसी की धाराओं में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। इसके बाद यह मामला लगातार गरमाता जा रहा है।
रविवार को टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान टीम की जीत का जश्न मनाते हुए श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के छात्रों की वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद कश्मीर पुलिस ने यूएपीए के तहत केस दर्ज किया। अब इससे नाराज होकर छात्रों और अन्य संगठनों ने सोशल मीडिया पर गैर कश्मीरियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
महबूबा मुफ्ती ने की कश्मीरी छात्रों की तत्काल रिहाई की मांग
वहीं, जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने गुरुवार को आगरा के एक कॉलेज से गिरफ्तार किए गए कश्मीरी छात्रों की तत्काल रिहाई की मांग की है। आरोपी छात्रों ने टी 20 विश्व कप क्रिकेट मैच में भारत के खिलाफ जीत के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों की प्रशंसा करते हुए व्हाट्सएप स्टेटस लगाया था।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के आगरा में राजा बलवंत सिंह प्रबंधन तकनीकी परिसर के छात्रों को बुधवार शाम को जगदीशपुरा पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बाद गिरफ्तार किया गया था। पीडीपी अध्यक्ष ने ट्वीट कर कहा कि जम्मू-कश्मीर के भीतर और बाहर कश्मीरी छात्रों पर कार्रवाई निंदनीय है। जम्मू-कश्मीर में दो साल के दमन के बाद की स्थिति से केंद्र सरकार को अब तो कुछ सीखना चाहिए और बदलाव लाना चाहिए। गिरफ्तार किए गए छात्रों को तुरंत रिहा किया जाए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आगरा कॉलेज के अधिकारियों के हवाले से एक मीडिया रिपोर्ट को भी टैग किया, जिसमें दावा किया गया था कि परिसर में कोई राष्ट्र विरोधी नारे नहीं लगाए गए थे। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि कॉलेज के अधिकारियों ने कथित तौर पर उन पर दबाव बनाने के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत की थी।
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