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वैष्णो देवी चांदी घोटाला, एलजी सिन्हा ने ली जानकारी

श्रीनगर। माता वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले करोड़ों रुपये के दान और बहुमूल्य धातुओं के प्रबंधन को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के चेयरमैन और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को उच्चस्तरीय बैठक कर चढ़ावे, दान और वित्तीय व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि धार्मिक संस्थान में किसी भी स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
उपराज्यपाल ने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी हर व्यवस्था को पूरी ईमानदारी और सुरक्षित तरीके से संचालित किया जाना चाहिए। उन्होंने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने, नियमित ऑडिट कराने और हर स्तर पर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। बैठक में नकद चढ़ावे, ऑनलाइन दान, सोना-चांदी समेत अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के संग्रह और प्रबंधन से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा की गई।
आधिकारिक रूप से इस बैठक को नियमित प्रशासनिक समीक्षा बताया गया, लेकिन सूत्रों के अनुसार हाल में धार्मिक संस्थानों में चढ़ावे से जुड़े विवादों के बाद यह समीक्षा काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अयोध्या में चढ़ावे को लेकर सामने आए कथित विवाद और माता वैष्णो देवी भवन में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई चांदी में मिलावट की शिकायतों के बाद मंदिर प्रशासन ने अपनी व्यवस्थाओं की जांच शुरू की है।
बैठक में श्राइन बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों ने उपराज्यपाल को चढ़ावे के प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी। इसमें दानपात्रों से प्राप्त राशि, ऑनलाइन दान, सोना-चांदी और अन्य मूल्यवान वस्तुओं के संग्रह, उनकी गणना, सत्यापन, सुरक्षित भंडारण, बैंकिंग प्रक्रिया और ऑडिट व्यवस्था शामिल रही।
अधिकारियों ने बताया कि श्राइन बोर्ड की ओर से चढ़ावे की पूरी प्रक्रिया में कई स्तरों पर निगरानी की व्यवस्था लागू है। डिजिटल रिकॉर्डिंग, क्रॉस वेरिफिकेशन और नियमित जांच के माध्यम से पारदर्शिता बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से मानवीय हस्तक्षेप को कम किया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना को खत्म किया जा सके।
बैठक में बहुमूल्य धातुओं के प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोने और चांदी की जांच निर्धारित मानकों के अनुसार की जाती है। इसके सुरक्षित भंडारण और शोधन की प्रक्रिया भारत सरकार की अधिकृत संस्थाओं और निर्धारित नियमों के तहत पूरी की जाती है।
वहीं नकद चढ़ावे और वित्तीय लेनदेन को लेकर भी अधिकारियों ने जानकारी दी कि सभी प्रक्रियाएं बैंकिंग नियमों, वैधानिक प्रावधानों और वित्तीय मानकों के अनुरूप संचालित की जा रही हैं। बोर्ड ने कहा कि दान में प्राप्त प्रत्येक राशि और वस्तु का हिसाब सुरक्षित तरीके से रखा जाता है।
बैठक में भविष्य में किसी भी तरह की वित्तीय गड़बड़ी रोकने के लिए अतिरिक्त निगरानी उपायों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सुरक्षा, ऑडिट और जवाबदेही से जुड़े मामलों की समय-समय पर समीक्षा की जाए।
उपराज्यपाल ने कहा कि माता वैष्णो देवी करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। इसलिए यहां आने वाले हर दान और चढ़ावे का प्रबंधन पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
श्राइन बोर्ड ने बैठक के बाद कहा कि वर्तमान व्यवस्था में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र मौजूद है। बोर्ड ने भरोसा दिलाया कि श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए गए प्रत्येक रुपये और बहुमूल्य वस्तु का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार किया जा रहा है। आने वाले समय में भी व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए लगातार कदम उठाए जाते रहेंगे।





