जम्मू और कश्मीर

UTLCC से डेटा सिस्टम को मिलेगा नया ढांचा, सुधार की पहल

Payal
18 April 2026 3:48 PM IST
UTLCC से डेटा सिस्टम को मिलेगा नया ढांचा, सुधार की पहल
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Jammu.जम्मू: देश में डेटा आधारित नीति निर्माण को अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत UTLCC का गठन किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य सांख्यिकीय प्रणाली को बेहतर बनाना और विभिन्न विभागों के बीच डेटा समन्वय को मजबूत करना है।
इस पहल को सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सटीक और डेटा-संचालित बनाने पर जोर दिया जा रहा है। UTLCC विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच तकनीकी सहयोग और डेटा साझा करने की प्रक्रिया को सुचारू बनाएगा।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में विभिन्न विभागों में डेटा संग्रह और विश्लेषण की प्रक्रियाओं में असमानता देखी जाती है। इसी समस्या को दूर करने के लिए यह नई समिति बनाई गई है, जो एकीकृत ढांचे के तहत काम करेगी।
इस पहल का उद्देश्य न केवल आंकड़ों की गुणवत्ता को सुधारना है, बल्कि नीति निर्माण में सटीक और विश्वसनीय डेटा का उपयोग सुनिश्चित करना भी है। इससे विकास योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ेगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत सांख्यिकीय प्रणाली किसी भी देश के विकास की नींव होती है। यदि डेटा सटीक और समय पर उपलब्ध हो, तो सरकारें अधिक प्रभावी निर्णय ले सकती हैं।
UTLCC के गठन से विभिन्न विभागों के बीच तकनीकी समन्वय बढ़ेगा और डेटा की पुनरावृत्ति (duplication) को भी कम किया जा सकेगा। इससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता दोनों में सुधार होने की उम्मीद है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस समिति के माध्यम से डिजिटल तकनीक और आधुनिक डेटा विश्लेषण उपकरणों का उपयोग बढ़ाया जाएगा, जिससे सांख्यिकीय प्रणाली को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाया जा सके।
नीति विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम भारत को डेटा-संचालित शासन (data-driven governance) की दिशा में और आगे ले जाएगा। इससे न केवल योजनाओं का बेहतर मूल्यांकन हो सकेगा, बल्कि भविष्य की नीतियों को भी अधिक सटीक बनाया जा सकेगा।
फिलहाल, UTLCC की स्थापना को एक सकारात्मक सुधार के रूप में देखा जा रहा है, जो देश की सांख्यिकीय प्रणाली को नई मजबूती प्रदान कर सकता है। आने वाले समय में इसके प्रभाव से शासन और विकास कार्यों में महत्वपूर्ण सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
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