जम्मू और कश्मीर

अमरनाथ यात्रा के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था, 670 CAPF कंपनियां होंगी तैनात

Kavita2
29 May 2026 12:57 PM IST
अमरनाथ यात्रा के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था, 670 CAPF कंपनियां होंगी तैनात
x

Jammu and Kashmir जम्मू-कश्मीर : जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के लिए केंद्र सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी सुरक्षा तैनाती की तैयारी की है। 3 जुलाई से शुरू होने वाली 57 दिन की वार्षिक तीर्थयात्रा के लिए सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPFs) की 670 कंपनियां तैनात की जाएंगी।

अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्रालय ने यह सुरक्षा योजना जम्मू-कश्मीर प्रशासन और शीर्ष सुरक्षा एजेंसियों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद अंतिम रूप दी है। इस व्यापक तैनाती का उद्देश्य तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित खतरे को प्रभावी ढंग से रोकना है।

यह सुरक्षा व्यवस्था यात्रा मार्ग के पूरे क्षेत्र को कवर करेगी। इसमें पंजाब-जम्मू बॉर्डर पर स्थित लखनपुर से लेकर दक्षिण कश्मीर के हिमालयी क्षेत्र में स्थित अमरनाथ गुफा मंदिर तक का पूरा मार्ग शामिल है। इसके अलावा बालटाल और पहलगाम दोनों पारंपरिक रूटों पर विशेष सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी।

सुरक्षा कवरेज केवल यात्रा मार्ग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बेस कैंप, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे नेटवर्क और ट्रांजिट कैंपों को भी इसमें शामिल किया गया है। इन स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी, चेकिंग और सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे ताकि तीर्थयात्रियों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे।

सूत्रों के अनुसार, यह तैनाती पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक है और इसे अब तक की सबसे बड़ी सुरक्षा व्यवस्था में से एक माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक को रोकना और तीर्थयात्रियों को सुरक्षित और सुगम अनुभव प्रदान करना है।

अमरनाथ यात्रा हर साल हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है, और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यह सुरक्षा के लिहाज से एक संवेदनशील आयोजन माना जाता है। इसी कारण सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही विस्तृत योजना बनाकर तैनाती सुनिश्चित करती हैं।

कुल मिलाकर, इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के लिए की गई यह व्यापक सुरक्षा व्यवस्था केंद्र सरकार की प्राथमिकता को दर्शाती है, जिसमें तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और यात्रा की सुचारु व्यवस्था को सर्वोच्च महत्व दिया गया है।

Next Story