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जम्मू और कश्मीर
नवरात्रि के पहले दिन केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने महाकाली मंदिर में की पूजा
Ratna Netam
11 Oct 2026 9:13 PM IST

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हीरानगर। शारदीय नवरात्रि के पहले दिन रविवार को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने हीरानगर के ऐतिहासिक जस्मेरगढ़ किले में स्थित महाकाली मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां महाकाली का आशीर्वाद लिया और देश तथा क्षेत्र की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए विशेष प्रार्थना की। इस अवसर पर संत समाज के प्रमुख सदस्य, स्थानीय प्रशासन के अधिकारी और सामाजिक-राजनीतिक प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। केंद्रीय मंत्री ने मंदिर के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए विरासत स्थलों के संरक्षण और क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने मां महाकाली की आराधना की। उन्होंने कहा कि जस्मेरगढ़ किले में स्थित यह ऐतिहासिक मंदिर क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकास कार्यों के साथ ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण भी आवश्यक है।
नवरात्रि के पहले दिन महाकाली मंदिर पहुंचे केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह रविवार को नवरात्रि के पहले दिन हीरानगर स्थित जस्मेरगढ़ किले के ऐतिहासिक महाकाली मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर मां महाकाली का आशीर्वाद प्राप्त किया।इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के लोगों की सुख-शांति, देश की प्रगति और समृद्धि के लिए विशेष प्रार्थना की। धार्मिक कार्यक्रम में संत समाज के प्रमुख सदस्यों के साथ स्थानीय प्रशासन और सामाजिक-राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही।नवरात्रि का पर्व देवी दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं और परिवार तथा समाज की खुशहाली की कामना करते हैं।केंद्रीय मंत्री की महाकाली मंदिर यात्रा भी इसी धार्मिक अवसर से जुड़ी रही।
देश और क्षेत्र की समृद्धि के लिए विशेष प्रार्थना
मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान जितेंद्र सिंह ने देश और क्षेत्र में शांति, प्रगति तथा समृद्धि की कामना की।उन्होंने मां महाकाली के समक्ष प्रार्थना करते हुए सभी के कल्याण की भावना व्यक्त की। इस दौरान उपस्थित संत समाज के सदस्यों और अन्य प्रतिनिधियों ने भी धार्मिक कार्यक्रम में भाग लिया।केंद्रीय मंत्री ने नवरात्रि के अवसर को आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व बताया।मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान धार्मिक आस्था के साथ क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान और विरासत संरक्षण का विषय भी प्रमुखता से सामने आया।
जस्मेरगढ़ किले के ऐतिहासिक महत्व पर दिया जोर
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने जस्मेरगढ़ किले में स्थित महाकाली मंदिर के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल क्षेत्र की पहचान से जुड़े होते हैं। इनके संरक्षण के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखा जा सकता है।जस्मेरगढ़ किले में स्थित महाकाली मंदिर स्थानीय धार्मिक आस्था से जुड़ा ऐतिहासिक स्थल है। केंद्रीय मंत्री ने इस स्थल के महत्व को रेखांकित करते हुए विरासत संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण विकास की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए।हालांकि, इस अवसर पर मंदिर या किले के संरक्षण के लिए किसी नई परियोजना, बजट या समयसीमा की घोषणा का विवरण उपलब्ध नहीं है।
विरासत स्थलों के संरक्षण पर सरकार का जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार बुनियादी ढांचे के विकास के साथ विरासत स्थलों के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध है।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों की पहचान बनाए रखना महत्वपूर्ण है।विरासत स्थलों का संरक्षण केवल पुरानी इमारतों को सुरक्षित रखने तक सीमित नहीं होता, बल्कि उनके धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने से भी जुड़ा होता है।केंद्रीय मंत्री ने जस्मेरगढ़ किले के मंदिर का उल्लेख करते हुए क्षेत्र की विरासत को महत्व देने की आवश्यकता पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि सरकार क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के विकास को आगे बढ़ाने के साथ ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण की दिशा में भी प्रतिबद्ध है।
बुनियादी ढांचे के विकास का किया उल्लेख
महाकाली मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने क्षेत्र में हो रहे बुनियादी ढांचे के विकास का भी उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि सरकार पूरे क्षेत्र में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर ध्यान दे रही है।उनके संबोधन में विकास और विरासत संरक्षण को साथ लेकर चलने की बात प्रमुख रही।केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार की प्रतिबद्धता केवल आधुनिक सुविधाओं के विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले स्थलों को संरक्षित रखने की भी है।हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस अवसर पर किसी विशेष सड़क, भवन, पर्यटन सुविधा या अन्य बुनियादी ढांचा परियोजना का नाम नहीं बताया गया है।
धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्व
जस्मेरगढ़ किले में स्थित महाकाली मंदिर धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा स्थल है।नवरात्रि जैसे पर्वों के दौरान ऐसे मंदिरों का महत्व विशेष रूप से सामने आता है। श्रद्धालु देवी की आराधना के माध्यम से सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी नवरात्रि के पहले दिन मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और देश तथा क्षेत्र के कल्याण की प्रार्थना की।उनकी इस यात्रा के दौरान धार्मिक परंपराओं के साथ ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण का संदेश भी दिया गया।मंत्री ने मंदिर के सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार विकास के साथ विरासत को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
संत समाज और स्थानीय प्रतिनिधियों की रही मौजूदगी
महाकाली मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान संत समाज के प्रमुख सदस्य, स्थानीय प्रशासन के अधिकारी और सामाजिक-राजनीतिक प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।इनकी मौजूदगी में केंद्रीय मंत्री ने पूजा-अर्चना की और विशेष प्रार्थना में भाग लिया।कार्यक्रम में धार्मिक आस्था, क्षेत्रीय पहचान और विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।केंद्रीय मंत्री ने मंदिर के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए विरासत स्थलों के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।इस अवसर पर किसी नई योजना की औपचारिक घोषणा या अतिरिक्त प्रशासनिक निर्णय की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
विकास के साथ विरासत संरक्षण का संदेश
नवरात्रि के पहले दिन केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह की जस्मेरगढ़ किले स्थित महाकाली मंदिर यात्रा धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से जुड़ी रही।उन्होंने मां महाकाली की पूजा-अर्चना कर देश और क्षेत्र की शांति, प्रगति तथा समृद्धि के लिए प्रार्थना की।इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने ऐतिहासिक मंदिर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार पूरे क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ विरासत स्थलों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।कार्यक्रम में संत समाज, स्थानीय प्रशासन और सामाजिक-राजनीतिक प्रतिनिधियों की भागीदारी रही। केंद्रीय मंत्री ने नवरात्रि के अवसर पर धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए विकास और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को समान रूप से महत्व देने का संदेश दिया।
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