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Srinagar श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने गुरुवार को कहा कि "सीमित शक्तियों, केंद्र शासित प्रदेश (UT) मॉडल की जटिलताओं, नौकरशाही की बाधाओं और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों" के बावजूद, उमर अब्दुल्ला सरकार ने पिछले दो वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, बागवानी, पर्यटन और कृषि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण काम किए हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अतिरिक्त महासचिव और सांसद चौधरी मोहम्मद रमजान ने यहां जारी एक बयान में कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपने जनादेश का उपयोग लोगों की सेवा करने, लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने और जम्मू-कश्मीर के विकास को आगे बढ़ाने के लिए किया है। हालांकि, शक्तियों के असमान बंटवारे और प्रशासनिक बाधाओं ने कई महत्वपूर्ण फैसलों की गति को प्रभावित किया है।
चौधरी मोहम्मद रमजान ने कहा कि सत्ता संभालने के तुरंत बाद, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपने सबसे अहम चुनावी वादों में से एक को पूरा किया। उन्होंने विधानसभा के पहले ही सत्र में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा बहाल करने की मांग वाला एक प्रस्ताव पेश किया। इसी तरह, राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग वाले प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद विधानसभा में रखा गया और भारी बहुमत से पारित किया गया।
उन्होंने कहा कि इन प्रस्तावों ने केंद्र सरकार को एक स्पष्ट संदेश दिया कि जम्मू-कश्मीर के लोग अपने संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली चाहते हैं। हाल ही के प्रस्ताव के माध्यम से, विधानसभा ने 2000 के 'स्वायत्तता प्रस्ताव' (ऑटोनॉमी रेजोल्यूशन) और विशेष दर्जा बहाल करने की मांग वाले प्रस्ताव को भी याद किया, और केंद्र से अपनी संवैधानिक व राजनीतिक जिम्मेदारियों को पूरा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार ने शिक्षा, बिजली, समाज कल्याण, रोजगार, परिवहन, स्वास्थ्य सेवा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में लोगों को राहत देने के लिए कई कदम उठाए हैं। शैक्षणिक कैलेंडर को मार्च सत्र से बदलकर अक्टूबर-नवंबर के शेड्यूल में वापस लाने का फैसला छात्रों, अभिभावकों और शैक्षणिक संस्थानों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए लिया गया था। विधानसभा में 'प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल' का पारित होना उच्च शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम था।
चौधरी मोहम्मद रमजान ने कहा कि आरक्षण नीति में असमानताओं और उनसे जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए, सरकार ने अपना काम पूरा कर लिया है और संबंधित फाइल को मंजूरी के लिए आगे भेज दिया है। हालांकि, यह मामला अभी भी उपराज्यपाल (LG) कार्यालय में लंबित है। उन्होंने बताया कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को शादी के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 कर दिया गया है। महिलाओं, छात्रों और दिव्यांगजनों के लिए मुफ्त बस सेवा शुरू करना, जन-हितैषी शासन का एक और बेहतरीन उदाहरण है।
इसी तरह, पात्र परिवारों के लिए मुफ्त राशन की मात्रा दोगुनी करना, AAY (अंत्योदय अन्न योजना) लाभार्थियों को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देना, और छह मुफ्त LPG सिलेंडर का लाभ देना - ये सभी कदम समाज के सबसे गरीब तबके को सीधे राहत पहुँचाने के उद्देश्य से उठाए गए थे। उन्होंने आगे बताया कि सगे रिश्तेदारों के बीच 'गिफ्ट डीड' (उपहार विलेख) के जरिए संपत्ति के हस्तांतरण पर स्टाम्प ड्यूटी से 100 प्रतिशत छूट दी गई है। चौधरी मोहम्मद रमजान ने कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की मुख्य प्राथमिकताओं में से एक है, और विभिन्न विभागों में खाली पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए ऊपरी आयु सीमा में वृद्धि करना भी युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दिहाड़ी मजदूरों और अन्य अस्थायी कर्मचारियों की समस्याओं पर गौर करने के लिए एक समिति का गठन करके, उनकी चिंताओं को दूर करने के प्रति गंभीरता दिखाई है। हालाँकि, यह खेदजनक है कि समिति तय छह महीने की अवधि के भीतर अपनी रिपोर्ट नहीं सौंप पाई। एक साल बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट का सार्वजनिक न होना यह दर्शाता है कि केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) व्यवस्था के तहत प्रशासनिक बाधाएं किस तरह आम लोगों की शिकायतों के समाधान में देरी कर रही हैं।
अतिरिक्त महासचिव ने बताया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार ने 'नई पेंशन योजना' (NPS) के दायरे में आने वाले पात्र कर्मचारियों को 'पुरानी पेंशन योजना' (OPS) में जाने का विकल्प दिया है, जिससे हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं, और साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। सभी जिलों में स्मार्ट बस सेवा शुरू करना, सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने और नागरिकों को बेहतर यात्रा सुविधाएं देने की दिशा में एक अहम कदम है। इसके अलावा, सड़कों, जलापूर्ति, जल निकासी (ड्रेनेज), स्वास्थ्य सेवा और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है।
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