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जम्मू और कश्मीर
J-K में लश्कर का टॉप कमांडर हाशिम मूसा एनकाउंटर में ढेर
nidhi
30 Sept 2026 8:54 AM IST

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सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। यूसमर्ग के कोराग इलाके में हुई मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक शीर्ष पाकिस्तानी कमांडर को मार गिराया गया। अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में उसकी पहचान हाशिम मूसा उर्फ मूसा फौजी/फौजी मूसा के रूप में की गई है। भारतीय सेना की चिनार कोर ने ऑपरेशन में एक आतंकी के मारे जाने की पुष्टि की है, हालांकि शुरुआती आधिकारिक बयान में उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया गया था।
सुरक्षाबलों ने आतंकियों की मौजूदगी की विशेष खुफिया सूचना मिलने के बाद ऑपरेशन कोराग शुरू किया था। इस संयुक्त अभियान में भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल शामिल थे। सुरक्षाबलों ने यूसमर्ग के कोराग क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया और पूरे इलाके की घेराबंदी की।
तलाशी के दौरान जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी। सुरक्षाबलों की ओर से चुनौती दिए जाने पर छिपे आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की और दोनों ओर से तेज गोलीबारी हुई। मुठभेड़ के दौरान एक आतंकी को मार गिराया गया। बाद की रिपोर्टों में मारे गए आतंकी को लश्कर-ए-तैयबा का वरिष्ठ कमांडर बताया गया। कुछ रिपोर्टों ने उसकी पहचान मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा के रूप में की है, जबकि दूसरी रिपोर्टों में उसे सुलेमान शाह उर्फ मूसा बताया गया है। इसलिए उसकी पहचान को लेकर शुरुआती रिपोर्टिंग में अंतर है।
सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक यह आतंकी लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था और जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी गतिविधियों से उसका संबंध होने का आरोप था। इससे पहले सितंबर की शुरुआत में यूसमर्ग की पहाड़ियों में हुई मुठभेड़ के दौरान उसके बच निकलने की जानकारी भी सामने आई थी। उस मुठभेड़ में उसका एक करीबी सहयोगी मारा गया था। बडगाम का यह इलाका जंगल और पहाड़ी क्षेत्र से घिरा हुआ है। ऐसे इलाकों में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों को व्यापक तलाशी अभियान चलाना पड़ता है। ताजा ऑपरेशन के दौरान भी आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात किए गए और संभावित अन्य आतंकियों की तलाश जारी रखी गई।
मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने घटनास्थल और आसपास के जंगलों की तलाशी तेज कर दी। सेना ने बताया कि ऑपरेशन अभी जारी है। सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि इलाके में कोई अन्य आतंकी मौजूद न हो और मुठभेड़ स्थल से मिलने वाले हथियारों या अन्य सामग्री की भी जांच की जा सके।
लश्कर के इस वरिष्ठ कमांडर के मारे जाने को सुरक्षा अधिकारियों ने संगठन के लिए बड़ा नुकसान बताया है। वह लंबे समय से सक्रिय बताया जा रहा था और पीर पंजाल के दोनों ओर विभिन्न आतंकी गतिविधियों से जुड़े होने का आरोप था। अब सुरक्षा एजेंसियां उसके नेटवर्क, संपर्कों और जम्मू-कश्मीर में सक्रिय अन्य आतंकियों से उसके संबंधों की जांच कर सकती हैं। साथ ही इलाके में तलाशी अभियान पूरा होने के बाद मुठभेड़ और बरामद सामग्री से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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