जम्मू और कश्मीर

General Zorawar Singh की पर्वतीय युद्ध विरासत

Ratna Netam
13 April 2026 4:55 PM IST
General Zorawar Singh की पर्वतीय युद्ध विरासत
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JAMMU.जम्मू: भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि जनरल जोरावर सिंह ने पर्वतीय युद्ध (माउंटेन वॉरफेयर) की एक आदर्श रणनीतिक विरासत छोड़ी है, जो आज भी सैन्य अध्ययन और अभ्यास के लिए अत्यंत प्रासंगिक है।
अधिकारी ने कहा कि जनरल जोरावर सिंह का सैन्य नेतृत्व और उनकी रणनीतिक सोच विशेष रूप से कठिन पर्वतीय क्षेत्रों में युद्ध संचालन के लिए एक मॉडल के रूप में देखी जाती है। उनकी रणनीतियों ने भारतीय सैन्य इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान बनाया है।
उन्होंने बताया कि आधुनिक समय में भी सेना उनकी रणनीतिक समझ से प्रेरणा लेती है, खासकर ऐसे क्षेत्रों में जहां भौगोलिक चुनौतियां अधिक होती हैं। पर्वतीय युद्ध में उनकी दक्षता और निर्णय क्षमता आज भी अध्ययन का विषय है।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ अधिकारी ने जोर देकर कहा कि ऐसे ऐतिहासिक सैन्य नेताओं की विरासत को नई पीढ़ी के सैनिकों तक पहुंचाना आवश्यक है, ताकि वे कठिन परिस्थितियों में बेहतर निर्णय ले सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि जनरल जोरावर सिंह का योगदान केवल युद्ध तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने सैन्य संगठन और रणनीति निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि पर्वतीय युद्ध रणनीतियों पर आधारित यह विरासत भारतीय सेना को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में मदद करती है।
कुल मिलाकर, वरिष्ठ सेना अधिकारी द्वारा जनरल जोरावर सिंह की माउंटेन वॉरफेयर रणनीति को एक मॉडल विरासत के रूप में प्रस्तुत करना भारतीय सैन्य इतिहास और आधुनिक रक्षा अध्ययन के लिए एक महत्वपूर्ण टिप्पणी मानी जा रही है।
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