जम्मू और कश्मीर

Poonch में सरकारी कर्मचारियों की गैरहाज़िरी पर प्रशासन ने चेतावनी जारी की

Ratna Netam
19 April 2026 3:53 PM IST
Poonch में सरकारी कर्मचारियों की गैरहाज़िरी पर प्रशासन ने चेतावनी जारी की
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Jammu.जम्मू: पुंछ में जिला प्रशासन ने सरकारी कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कड़ा कदम उठाया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि 172 कर्मचारी जो लगातार गैरहाज़िर पाए गए हैं, उनकी सैलरी कट सकती है। यह कार्रवाई सरकारी सेवाओं में अनुशासन बनाए रखने और कर्मचारियों की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है।
जिला प्रशासन ने कहा कि गैरहाज़िरी की यह सूची नियमित निरीक्षण और निगरानी के बाद तैयार की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी कर्मचारियों की जिम्मेदारी होती है कि वे अपने कार्यालयों में समय पर उपस्थित रहें और अपने कार्यों का निर्वहन करें। प्रशासन ने कहा कि यह कदम कर्मचारियों के बीच अनुशासन और कर्तव्यपालन की भावना को मजबूत करने के लिए आवश्यक था।
अधिकारियों ने बताया कि 172 कर्मचारियों की गैरहाज़िरी लंबे समय से जारी थी और इसके बावजूद उन्हें समय पर सुधार की चेतावनी नहीं मिली। अब प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कर्मचारी सुधार नहीं करते हैं तो उनकी सैलरी कटने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ चेतावनी नहीं है, बल्कि सरकारी सेवाओं में जिम्मेदारी और अनुशासन को लागू करने का एक गंभीर प्रयास है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सेवाओं में कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति जनता की सेवा में प्रभावी और विश्वसनीय प्रशासन सुनिश्चित करती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से न केवल कर्मचारियों में जिम्मेदारी की भावना बढ़ती है, बल्कि अन्य कर्मचारियों को भी अपने कार्यों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा मिलती है। यह कदम सरकारी मशीनरी की पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने में सहायक होगा।
जिला प्रशासन ने सभी कर्मचारियों से अपील की है कि वे समय पर अपने कार्यालयों में उपस्थित हों और अपने कर्तव्यों का पालन करें। उन्होंने कहा कि गैरहाज़िरी की स्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा और किसी भी कर्मचारी के लिए कोई विशेष रियायत नहीं दी जाएगी।
पुंछ प्रशासन की यह सख्त नीति भविष्य में सरकारी सेवाओं में सुधार और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक उदाहरण बन सकती है। प्रशासन ने कहा कि इसका उद्देश्य केवल दंड देना नहीं है, बल्कि कर्मचारियों को जागरूक करना और सेवाओं में गुणवत्ता बढ़ाना भी है।
इस कदम से यह स्पष्ट हो गया है कि जिला प्रशासन सरकारी कर्मचारियों की उपस्थिति और कर्तव्यपालन को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई को बर्दाश्त नहीं करेगा। ऐसे प्रयासों से सरकारी विभागों में अनुशासन और कार्यक्षमता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
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