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Jammu.जम्मू: जम्मू-कश्मीर टीचर्स फ़ेडरेशन (जेकेटीएफ) ने केन्द्रशासित प्रदेश की सरकार से टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) मामले में सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि शिक्षक समुदाय के हितों की सुरक्षा के लिए यह कदम आवश्यक है।
जेकेटीएफ ने अपनी अपील में बताया कि टीईटी परीक्षा के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेश से शिक्षक समुदाय में भ्रम और असमंजस की स्थिति उत्पन्न हुई है। संगठन ने कहा कि कई उम्मीदवारों को न्याय मिलने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार को उच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करनी चाहिए।
संगठन ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि टीईटी की पात्रता और चयन प्रक्रिया में लंबे समय से इंतजार कर रहे उम्मीदवारों की चिंता और उम्मीदों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर करने से उन हजारों शिक्षकों को राहत मिल सकती है जिन्होंने वर्षो से सरकारी नौकरी पाने की तैयारी की है।
जेकेटीएफ के अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षक समुदाय सरकार और न्यायालय से न्याय की अपेक्षा करता है। उन्होंने बताया कि पिछले आदेश के बाद शिक्षकों में निराशा और असंतोष बढ़ गया है। संगठन का मानना है कि इस मुद्दे पर सक्रिय कदम उठाकर सरकार शिक्षकों का विश्वास बनाए रख सकती है।
संगठन ने सरकार से आग्रह किया कि वह न केवल रिव्यू पिटीशन दायर करे, बल्कि प्रक्रिया के दौरान टीईटी उम्मीदवारों को पूरी जानकारी और मार्गदर्शन भी प्रदान करे। इस कदम से न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और उम्मीदवारों के विश्वास को बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि टीईटी मुद्दा लंबे समय से विवादों में रहा है, और सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने इस पर नई बहस शुरू कर दी है। रिव्यू पिटीशन दायर करने से मामले में नए दृष्टिकोण और तथ्यों पर पुनर्विचार किया जा सकता है, जिससे शिक्षक समुदाय के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
जेकेटीएफ ने यह भी चेतावनी दी कि यदि सरकार समय रहते कदम नहीं उठाती है, तो शिक्षक समुदाय आंदोलन और कानूनी विकल्पों पर विचार कर सकता है। संगठन ने यह स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल शिक्षक समुदाय के अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
स्थानीय मीडिया और शिक्षक संगठनों ने जेकेटीएफ की अपील का समर्थन किया है। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर करने से टीईटी उम्मीदवारों के बीच न्याय और आशा की भावना बनी रहेगी।
इस अपील के बाद, केन्द्रशासित प्रदेश की सरकार पर दबाव बढ़ गया है कि वह इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाए और सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर करने के लिए उचित कदम उठाए। जेकेटीएफ ने स्पष्ट किया कि टीईटी उम्मीदवारों का भविष्य उनके निर्णयों पर निर्भर है, और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
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