जम्मू और कश्मीर

तारिक कर्रा बोले- J&K भारत का अभिन्न अंग, तीसरे पक्ष की दखल केंद्र की विफलता

Kavita2
20 Aug 2026 4:20 PM IST
तारिक कर्रा बोले- J&K भारत का अभिन्न अंग, तीसरे पक्ष की दखल केंद्र की विफलता
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर कांग्रेस प्रमुख तारिक कर्रा ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि इस मुद्दे पर किसी भी तीसरे पक्ष की दखलंदाजी की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि कोई विदेशी पक्ष जम्मू-कश्मीर से जुड़े मामलों में मध्यस्थता या भूमिका की बात करता है तो यह केंद्र सरकार की विफलता को दर्शाता है।

कर्रा का यह बयान भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के श्रीनगर दौरे के एक दिन बाद आया है। अमेरिकी राजदूत ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ संयुक्त मीडिया ब्रीफिंग की थी। इस दौरान गोर ने जम्मू-कश्मीर को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया था और क्षेत्र की सुरक्षा एवं पर्यटन से जुड़े मुद्दों पर भी बात की थी।

अमेरिकी राजदूत के बयान पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया

पत्रकारों ने गुरुवार को तारिक कर्रा से अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के जम्मू-कश्मीर को लेकर दिए गए बयान के बारे में सवाल किया। इसके जवाब में कर्रा ने कहा कि चाहे अमेरिकी राजदूत हों, अमेरिकी विदेश मंत्री हों या दुनिया का कोई अन्य राजनयिक, यदि वह जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बताता है तो इसमें कोई नई बात नहीं है।

कर्रा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर हमेशा से भारत का अभिन्न अंग रहा है और पूरी दुनिया इस तथ्य से परिचित है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जम्मू-कश्मीर से जुड़े मामलों का समाधान भारत के अपने लोकतांत्रिक और संवैधानिक ढांचे के भीतर होना चाहिए।

तीसरे पक्ष की भूमिका पर सवाल

कांग्रेस नेता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के मामले में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार, यदि किसी बाहरी देश या राजनयिक को इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने का अवसर मिलता है तो इसके लिए केंद्र सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं।

कर्रा ने इसे केंद्र की "विफलता" से जोड़ते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा है और इसके संबंध में किसी बाहरी मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं है।

उनका बयान ऐसे समय आया है जब जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक गतिविधियां लगातार चर्चा में हैं और केंद्र तथा क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के बीच कई मुद्दों को लेकर मतभेद सामने आते रहे हैं।

श्रीनगर दौरे पर आए थे सर्जियो गोर

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर बुधवार को श्रीनगर पहुंचे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ संयुक्त मीडिया ब्रीफिंग में जम्मू-कश्मीर के बारे में अपनी टिप्पणी रखी।

गोर ने जम्मू-कश्मीर को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा और बेहद खूबसूरत स्थान बताया। उनके बयान को भारत के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया, क्योंकि जम्मू-कश्मीर का मुद्दा लंबे समय से भारत और पाकिस्तान के बीच संवेदनशील विषय रहा है।

हालांकि, गोर के बयान के बाद कांग्रेस की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि जम्मू-कश्मीर के भारत का अभिन्न अंग होने की बात किसी विदेशी राजनयिक द्वारा कहे जाने से कोई नया तथ्य सामने नहीं आता।

यात्रा एडवाइजरी पर भी हुई चर्चा

बुधवार की मीडिया ब्रीफिंग में अमेरिकी राजदूत ने जम्मू-कश्मीर की यात्रा को लेकर अमेरिका की मौजूदा एडवाइजरी पर भी बात की। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका क्षेत्र की यात्रा से जुड़ी अपनी सलाह पर दोबारा विचार कर सकता है।

गोर के अनुसार, केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर को सुरक्षित बनाने के लिए कदम उठाए गए हैं। ऐसे प्रयासों को देखते हुए यात्रा संबंधी एडवाइजरी की समीक्षा की जा सकती है।

यह बयान जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को लेकर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की अहम भूमिका है और लंबे समय से यहां सुरक्षा व्यवस्था में सुधार तथा पर्यटकों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

सुरक्षा और पर्यटन पर फोकस

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा की स्थिति का सीधा असर पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। श्रीनगर, गुलमर्ग, पहलगाम और अन्य पर्यटन स्थलों पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं।

अमेरिकी यात्रा एडवाइजरी में किसी संभावित बदलाव से विदेशी पर्यटकों के बीच जम्मू-कश्मीर की छवि पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, किसी भी देश की यात्रा सलाह बदलने का फैसला उसके अपने सुरक्षा आकलन पर निर्भर करता है।

राजनीतिक बहस जारी

तारिक कर्रा के बयान ने जम्मू-कश्मीर को लेकर राजनीतिक बहस को एक बार फिर सामने ला दिया है। कांग्रेस लंबे समय से केंद्र सरकार पर जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक और संवैधानिक मुद्दों को लेकर सवाल उठाती रही है।

कर्रा ने एक तरफ जम्मू-कश्मीर की भारत के साथ स्थिति को स्पष्ट बताया, वहीं दूसरी तरफ तीसरे पक्ष की किसी भी भूमिका का विरोध किया। उनका कहना है कि जम्मू-कश्मीर से जुड़े विषय भारत का आंतरिक मामला है और इसमें किसी बाहरी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।

दूसरी ओर, अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी में जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बताए जाने और क्षेत्र में सुरक्षा सुधारों की चर्चा किए जाने को अलग संदर्भ में देखा जा रहा है।

आगे भी बनी रहेगी नजर

फिलहाल तारिक कर्रा की टिप्पणी और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के हालिया श्रीनगर दौरे ने जम्मू-कश्मीर को लेकर राजनीतिक और कूटनीतिक चर्चा को बढ़ा दिया है। एक ओर अमेरिकी पक्ष ने जम्मू-कश्मीर को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए सुरक्षा और पर्यटन पर सकारात्मक संकेत दिए हैं, वहीं कांग्रेस ने साफ किया है कि क्षेत्र की स्थिति को लेकर किसी विदेशी पक्ष का बयान कोई नई बात नहीं है।

कर्रा के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और इस संबंध में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका की जरूरत नहीं है। अब इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और अन्य राजनीतिक दलों की आगे की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।

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