जम्मू और कश्मीर

कुलगाम में टारगेट अटैक: नाम पूछकर मजदूरों को मारी गोली, 9 दिन में दूसरा आतंकी हमला

nidhi
1 Aug 2026 9:17 AM IST
कुलगाम में टारगेट अटैक: नाम पूछकर मजदूरों को मारी गोली, 9 दिन में दूसरा आतंकी हमला
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पहलगाम जैसी वारदात की पुनरावृत्ति? कुलगाम में नाम पूछकर मजदूरों पर हमला, दहशत

श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकियों ने एक बार फिर टारगेट अटैक को अंजाम दिया है। जानकारी के अनुसार, आतंकियों ने मजदूरों से उनकी पहचान पूछकर उन पर गोलीबारी की। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं और पूरे इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब घाटी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से सतर्कता बढ़ाई गई है। अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में गैर-स्थानीय लोगों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं ने सुरक्षा चिंताएं बढ़ा दी हैं।
मजदूरों को बनाया निशाना
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आतंकियों ने मजदूरों को रोककर उनकी पहचान पूछी और इसके बाद गोलीबारी की। हमले के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है, जबकि सुरक्षा बलों ने हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।
9 दिन में दूसरा टारगेट अटैक
कुलगाम की इस घटना को घाटी में हाल के दिनों में हुए दूसरे टारगेट अटैक के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले भी आतंकियों ने आम नागरिकों को निशाना बनाया था, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी थी।
सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि आतंकी संगठन आम लोगों में डर फैलाने और क्षेत्र की शांति व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
सुरक्षा बलों ने बढ़ाई निगरानी
घटना के बाद सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। आतंकियों की पहचान और उन्हें पकड़ने के लिए तकनीकी तथा जमीनी स्तर पर जांच की जा रही है।
सुरक्षा बलों ने स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत देने की अपील की है।
प्रशासन ने जताई चिंता
प्रशासन ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा है कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने पीड़ितों और उनके परिवारों को हर संभव सहायता देने की बात कही है।
घाटी में सुरक्षा चुनौती
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ अभियान लगातार जारी है, लेकिन इस तरह के टारगेट अटैक सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। आम नागरिकों और प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर विशेष कदम उठाए जा रहे हैं।

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