जम्मू और कश्मीर

Srinagar बिजली गिरने से 60 से ज़्यादा भेड़-बकरियों की मौत हो गई

Kiran
22 May 2026 2:12 PM IST
Srinagar बिजली गिरने से 60 से ज़्यादा भेड़-बकरियों की मौत हो गई
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Srinagar श्रीनगर सिर्णागर में बिजली गिरने से 60 से अधिक भेड़-बकरियों की मौत

सिर्णागर, कश्मीर: हाल ही में सिर्णागर जिले में अचानक मौसम की तीव्रता और बिजली गिरने की घटना ने स्थानीय ग्रामीणों को झकझोर दिया। जानकारी के अनुसार, जिले के विभिन्न इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने से 60 से अधिक भेड़-बकरियों और अन्य पालतू जानवरों की मौत हो गई। यह घटना विशेष रूप से उन गांवों में हुई, जहाँ पशुपालक अपने मवेशियों को चराने के लिए खुले मैदानों में रखते हैं।

स्थानीय प्रशासन और पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने मृत जानवरों की संख्या की पुष्टि करते हुए बताया कि यह घटना बिजली गिरने के कारण हुई। मौसम विभाग के अनुसार, क्षेत्र में अचानक बिजली गिरने और तेज़ हवाओं के साथ तेज़ बारिश की संभावना बनी थी, जो इस अप्रत्याशित घटना का मुख्य कारण बनी। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली गिरने के समय पशु खुले मैदान में चर रहे थे। कई पशु झटके में वहीं गिर गए और कुछ गंभीर रूप से घायल हुए। कुछ पशुपालकों ने तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और पशु चिकित्सा विभाग से मदद मांगी, लेकिन अधिकांश पशु पहले ही मर चुके थे।

पशुपालन विभाग ने प्रभावित परिवारों की मदद के लिए मुआवजे की व्यवस्था शुरू की है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक मृत जानवर के लिए निर्धारित मुआवजा दिया जाएगा ताकि पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से राहत मिल सके। साथ ही, ग्रामीणों को यह भी सलाह दी गई कि भविष्य में बिजली गिरने जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए मवेशियों को सुरक्षित जगहों पर रखा जाए।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मई और जून के महीने में कश्मीर में तेज़ आंधी और बिजली गिरने की घटनाएँ बढ़ जाती हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि ग्रामीणों को अपने पशुओं के लिए सुरक्षित आश्रय सुनिश्चित करना चाहिए और खुले मैदानों में उन्हें छोड़ने से बचना चाहिए। स्थानीय प्रशासन ने भी गाँवों में चेतावनी सायरन और संदेश प्रणाली शुरू करने की योजना बनाई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं में समय रहते लोगों को जानकारी मिल सके और वे अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर ले जा सकें।

इस घटना ने स्थानीय लोगों के लिए न केवल आर्थिक नुकसान बल्कि भावनात्मक आघात भी उत्पन्न किया है। कई परिवार अपनी आय का मुख्य स्रोत खो चुके हैं, क्योंकि भेड़-बकरियाँ उनके जीवन और रोज़मर्रा की जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण हैं। अंततः यह घटना यह याद दिलाती है कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है। प्रशासन और ग्रामीणों को मिलकर भविष्य में ऐसे हादसों से बचाव के लिए योजना बनानी होगी।


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