जम्मू और कश्मीर

Srinagar : उपराज्यपाल की पदयात्रा, नशा मुक्त अभियान को मिला जनआंदोलन का रूप

Kavita2
3 May 2026 12:50 PM IST
Srinagar : उपराज्यपाल की पदयात्रा, नशा मुक्त अभियान को मिला जनआंदोलन का रूप
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Jammu जम्मू: जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को नशा विरोधी अभियान को प्रशासनिक बैठकों से आगे बढ़ाते हुए सीधे जनता से जोड़ दिया। श्रीनगर में उन्होंने एक विशाल पदयात्रा का नेतृत्व किया, जिसमें कश्मीर के विभिन्न हिस्सों से आए हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम ‘नशा मुक्त जम्मू और कश्मीर अभियान’ के तहत आयोजित किया गया था।

यह अभियान 11 अप्रैल को शुरू किया गया था और पिछले कुछ हफ्तों में इसे जनता से लगातार समर्थन मिल रहा है। श्रीनगर के TRC फुटबॉल मैदान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने नशे की तस्करी को “खामोश आतंकवाद” बताया, जो समाज और युवाओं के भविष्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है।

उन्होंने कहा कि नशे का कारोबार केवल अपराध नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को कमजोर करने की साजिश है। सिन्हा ने इसे सुरक्षा से जुड़ी बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि इसका असर सीधे समाज के ताने-बाने पर पड़ रहा है।

जम्मू संभाग के कई जिलों में पहले से चल रहे जनसंपर्क अभियानों के बाद उपराज्यपाल का खुद सड़क पर उतरना इस मुहिम को जन-आंदोलन का रूप देने की कोशिश माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों से मिले समर्थन ने इस अभियान को और मजबूती दी है।

उन्होंने बताया कि नागरिकों ने उनसे बार-बार यह मांग की है कि उनके बच्चों और भविष्य को सुरक्षित रखा जाए। इस भावना ने इस अभियान को नई दिशा दी है।

सरकार ने इस अभियान को 100 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें अभी लगभग 78 दिन शेष हैं। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल सरकारी प्रयास नहीं बल्कि जनता की भागीदारी पर आधारित आंदोलन है।

सिन्हा ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून-व्यवस्था की एजेंसियों के भरोसे नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसमें समाज की सक्रिय भूमिका जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नशा तस्करी के नेटवर्क की पहचान करने और उसे खत्म करने में सहयोग करें।

अभियान के तहत प्रशासन ने सख्त कार्रवाई भी तेज कर दी है। 11 अप्रैल से 2 मई के बीच 481 FIR दर्ज की गईं और 518 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 24 संपत्तियां जब्त की गई हैं, 325 वाहन कब्जे में लिए गए हैं, पांच पासपोर्ट रद्द किए गए हैं और कई ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।

इसके साथ ही 3000 से अधिक दवा दुकानों की जांच की गई है और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध नेटवर्क की आर्थिक जड़ों को भी निशाना बनाया जा रहा है।

उपराज्यपाल ने यह भी कहा कि ड्रग्स से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल आतंकवाद और अवैध गतिविधियों में किया जा रहा है। उन्होंने इसे एक संगठित और खतरनाक नेटवर्क बताया जो युवाओं को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रहा है।

हालांकि, उन्होंने नशे के आदी लोगों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अपराधी नहीं बल्कि पीड़ित के रूप में देखा जाना चाहिए। उनके लिए इलाज और पुनर्वास की व्यवस्था जरूरी है।

उन्होंने धार्मिक नेताओं, शिक्षकों, महिलाओं और युवाओं से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। अधिकारियों के अनुसार, अब तक 70,000 से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ चुके हैं।

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