जम्मू और कश्मीर

Srinagar: जम्मू-कश्मीर विधानसभा में परंपरा से अलग शुरू हुआ विधायी कामकाज

Admindelhi1
21 Sept 2026 3:22 PM IST
Srinagar: जम्मू-कश्मीर विधानसभा में परंपरा से अलग शुरू हुआ विधायी कामकाज
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जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने बदली परंपरा, शुरू किया विधायी काम

श्रीनगर: एक पुरानी परंपरा को बदलते हुए जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने सोमवार को स्पीकर अब्दुल रहीम राथर द्वारा शोक संदेश पढ़े जाने के तुरंत बाद सरकारी कामकाज किया। परंपरा को तोड़ते हुए स्पीकर ने पूर्व विधायकों शेख मुस्तफ़ा कमाल, धर्म पॉल और गुलाम हसन को श्रद्धांजलि देने के बाद विधायी कामकाज शुरू किया।

शोक संदेश के दौरान स्पीकर ने दिवंगत विधायकों के नाम पढ़े, श्रद्धांजलि देने में किसी अन्य सदस्य ने हिस्सा नहीं लिया। बाद में सदस्यों ने दिवंगत विधायकों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा। पहले अलग-अलग पार्टियों के विधायक शोकसभा की कार्यवाही में शामिल होते थे। आमतौर पर शोक संदेश पढ़े जाने के बाद सदन दिन भर के लिए स्थगित कर दिया जाता था और कोई कामकाज नहीं होता था।

पिछले ऑटम सेशन में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा की शोक संदेश प्रक्रिया में बदलाव का प्रस्ताव दिया था। उमर ने कहा था कि जब मैं संसद में था तो स्पीकर के शोक संदेश पढ़ने के बाद लंबे भाषण होते थे जिसमें पूरा दिन लग जाता था। बाद में यह तय किया गया कि सिर्फ़ स्पीकर ही शोक संदेश पढ़ेंगे और सदस्य एक मिनट के लिए मौन खड़े रहेंगे। मुझे लगता है कि हमें यहां भी उसी सिस्टम का पालन करना चाहिए।

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