जम्मू और कश्मीर

SMVD संघर्ष समिति ने मेडिकल कॉलेज प्रस्ताव पर श्राइन बोर्ड को गंभीर चेतावनी दी

Ratna Netam
5 April 2026 6:47 PM IST
SMVD संघर्ष समिति ने मेडिकल कॉलेज प्रस्ताव पर श्राइन बोर्ड को गंभीर चेतावनी दी
x
Jammu.जम्मू: SMVD (श्री माता वैष्णो देवी) संघर्ष समिति ने हाल ही में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड को चेतावनी दी है, जिसमें उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रस्ताव को लेकर अपनी नाराजगी जताई। समिति का कहना है कि यदि उनके सुझावों और मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे इसके खिलाफ गंभीर आंदोलन कर सकते हैं।
समिति ने अपनी चेतावनी में स्पष्ट किया कि मेडिकल कॉलेज के लिए प्रस्तावित योजना में स्थानीय समुदाय और श्राइन बोर्ड के हितों को पर्याप्त रूप से शामिल नहीं किया गया है। उनका कहना है कि यह परियोजना स्थानीय लोगों और श्राइन बोर्ड के पारंपरिक अधिकारों को प्रभावित कर सकती है।
SMVD संघर्ष समिति के नेताओं ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने श्राइन बोर्ड को पहले भी अपनी चिंताओं से अवगत कराया था, लेकिन उनकी बातों पर अभी तक कोई संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि यदि बोर्ड ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो समिति कानूनी और सामाजिक दोनों स्तर पर कदम उठाने के लिए बाध्य होगी।
श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने कहा कि मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव राज्य और केंद्र सरकार की स्वास्थ्य नीति और विकास योजनाओं के अनुरूप तैयार किया गया है। बोर्ड ने आश्वासन दिया कि स्थानीय समुदाय की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाएगा और किसी भी विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक स्थलों और स्थानीय समुदाय के हितों के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। मेडिकल कॉलेज जैसी बड़ी परियोजना यदि बिना स्थानीय सहभागिता के शुरू की जाती है, तो इससे सामाजिक और प्रशासनिक विवाद उत्पन्न हो सकते हैं।
समिति ने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य केवल अपनी आवाज उठाना और स्थानीय हितों की रक्षा करना है। उन्होंने प्रशासन और श्राइन बोर्ड से अपील की कि वे उनके सुझावों पर गंभीरता से विचार करें और विवाद से बचने के लिए खुला संवाद स्थापित करें।
कुल मिलाकर, SMVD संघर्ष समिति द्वारा श्राइन बोर्ड को चेतावनी देना इस बात का संकेत है कि जम्मू में मेडिकल कॉलेज प्रस्ताव के आसपास स्थानीय समुदाय और धार्मिक संस्थाओं के हितों को लेकर गंभीर चर्चा और समन्वय की आवश्यकता है। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि किसी भी बड़ी परियोजना को लागू करने से पहले सभी हितधारकों के साथ सहयोग और संवाद जरूरी है।
Next Story