जम्मू और कश्मीर

पांच साल से अधिक समय बाद SKIMS की स्टैंडिंग फाइनेंस कमिटी की बैठक

Kavita2
9 Aug 2026 10:31 AM IST
पांच साल से अधिक समय बाद SKIMS की स्टैंडिंग फाइनेंस कमिटी की बैठक
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के प्रमुख चिकित्सा संस्थान शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SKIMS), सौरा में लंबे अंतराल के बाद स्टैंडिंग फाइनेंस कमिटी (SFC) की बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव अटल डुलू की अध्यक्षता में हुई इस बैठक को संस्थान के विकास और लंबे समय से लंबित परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, पांच साल से अधिक समय के बाद हुई इस बैठक से SKIMS में अटके विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है।

एक आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार, बैठक में SKIMS को क्षेत्र में एक क्वाटरनरी हेल्थकेयर सुविधा और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का स्पष्ट विजन तय किया गया। इसका उद्देश्य संस्थान को उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाओं, विशेषज्ञ उपचार, शोध और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में और मजबूत बनाना है।

लंबे अंतराल के बाद हुई बैठक

SKIMS सौरा जम्मू-कश्मीर में चिकित्सा सेवाओं का एक प्रमुख केंद्र है। यहां जटिल और गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए जम्मू-कश्मीर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में संस्थान की क्षमता और बुनियादी ढांचे को समय के साथ मजबूत करना महत्वपूर्ण माना जाता है।

पांच साल से अधिक समय तक SFC की बैठक नहीं होने के कारण संस्थान से जुड़े कई विकास प्रस्तावों और परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में देरी हुई। अब मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक होने के बाद इन मामलों की समीक्षा और निर्णय लेने की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।

बैठक में संस्थान के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया और भविष्य की प्राथमिकताओं को लेकर व्यापक दृष्टिकोण पर चर्चा हुई।

क्वाटरनरी हेल्थकेयर सेंटर के रूप में विकसित करने का लक्ष्य

बैठक का प्रमुख उद्देश्य SKIMS को क्षेत्र में अत्याधुनिक क्वाटरनरी हेल्थकेयर सुविधा के रूप में विकसित करना रहा। क्वाटरनरी हेल्थकेयर में बेहद जटिल और दुर्लभ चिकित्सा स्थितियों के लिए अत्यधिक विशेषज्ञता वाले उपचार, उन्नत तकनीक और विशेष चिकित्सा सेवाओं पर जोर दिया जाता है।

SKIMS को इस स्तर तक विकसित करने से जम्मू-कश्मीर के मरीजों को जटिल उपचार के लिए देश के अन्य बड़े चिकित्सा संस्थानों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही संस्थान को चिकित्सा अनुसंधान और विशेषज्ञ प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र बनाने की दिशा में भी काम किया जा सकता है।

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने पर जोर

बैठक में SKIMS को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का लक्ष्य भी सामने रखा गया। इसका उद्देश्य चुनिंदा चिकित्सा क्षेत्रों में विशेषज्ञ सेवाओं, अत्याधुनिक तकनीक और अनुसंधान क्षमता को मजबूत करना है।

ऐसे केंद्र गंभीर और जटिल बीमारियों के उपचार के साथ-साथ नए उपचार तरीकों और चिकित्सा तकनीकों के विकास में भी योगदान दे सकते हैं। SKIMS में इस दिशा में क्षमता विकसित होने से मरीजों के उपचार के अलावा चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

लंबित परियोजनाओं की समीक्षा की उम्मीद

SFC की बैठक को लंबे समय से लंबित विकास परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वित्तीय मंजूरी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े कई मामलों में देरी होने के कारण विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं।

अब कमिटी की बैठक के बाद इन परियोजनाओं की प्राथमिकता तय करने, आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने और कार्यों को निर्धारित समय सीमा में आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया जा सकता है।

SKIMS जैसे बड़े चिकित्सा संस्थान में भवन निर्माण, चिकित्सा उपकरण, शोध सुविधाएं, तकनीकी बुनियादी ढांचा और मरीजों के लिए सुविधाओं का विस्तार लगातार निवेश की मांग करता है। ऐसे में वित्तीय मामलों पर नियमित निर्णय लेना संस्थान के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद

SKIMS को आधुनिक और उन्नत चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित करने का सीधा लाभ मरीजों को मिल सकता है। उच्च स्तरीय उपचार सुविधाओं के विस्तार से गंभीर बीमारियों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकती हैं।

इसके अलावा अत्याधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ सेवाओं की उपलब्धता बढ़ने से जटिल मामलों का उपचार भी अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा। इससे मरीजों और उनके परिवारों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता कम हो सकती है।

चिकित्सा शिक्षा और शोध को भी बढ़ावा

SKIMS केवल उपचार का केंद्र नहीं है, बल्कि चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। संस्थान को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने से मेडिकल रिसर्च और प्रशिक्षण की गतिविधियों को भी नई दिशा मिल सकती है।

नई तकनीक, उन्नत प्रयोगशालाओं और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से डॉक्टरों, शोधकर्ताओं और मेडिकल छात्रों को बेहतर संसाधन उपलब्ध हो सकते हैं। इससे जम्मू-कश्मीर में चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र को मजबूत करने में मदद मिलने की संभावना है।

प्रशासनिक स्तर पर निगरानी महत्वपूर्ण

बैठक के बाद अब यह महत्वपूर्ण होगा कि तय किए गए विजन को जमीन पर लागू करने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए। लंबित परियोजनाओं की नियमित निगरानी और वित्तीय मंजूरियों की प्रक्रिया को तेज करना जरूरी होगा।

प्रशासन के सामने SKIMS के मौजूदा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ भविष्य की स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई सुविधाएं विकसित करने की चुनौती भी होगी।

पांच साल से अधिक समय के अंतराल के बाद हुई SFC बैठक ने SKIMS के विकास को लेकर एक नई उम्मीद पैदा की है। संस्थान को क्वाटरनरी हेल्थकेयर सुविधा और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का विजन यदि प्रभावी तरीके से लागू होता है, तो इससे जम्मू-कश्मीर में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिल सकता है।

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